बैतूल(अमर छत्तीसगढ) 2 अगस्त। प्रातः स्मरणीय, बाल ब्रम्हचारी, चारित्र चुड़ामणि परम पूज्य आचार्य श्री हस्तीमल जी म. सा. के सुशिष्य….कुशल सेवा मूर्ति , 53 वर्षो से आडा आसन त्यागी, सूर्य आतापना धारी, महात्मा, महास्थविर, महा साधक, सामायिक साधना के प्रेरक….
पूज्यगुरुदेव शीतल राज जी म. सा. सुखसाता से स्थानक भवन मे विराज रहे है ।
गुरुदेव के दर्शन हेतु बेरछा से पधारे गुरुभक्त सुश्रावक श्री आदेश्वर जैन एवं संजय जैन ने गुरुदेव से प्रेरणा पाकर 30 दिन के दया के पचखान ग्रहण किये हैं।
बैतूल श्रीसंघ उनकी तप साधना एवं गुरुभक्ति की अनुमोदना करता है।तप साधना की सुखसाता पूछता है।

