तीन दिवसीय रक्षा बंधन विधान का समापन… “एक राखी गुरु के नाम”  प्रतियोगिता में प्रथम श्रुति, द्वितीय नलिनी, तृतीय अन्नी एवं प्रीति

तीन दिवसीय रक्षा बंधन विधान का समापन… “एक राखी गुरु के नाम” प्रतियोगिता में प्रथम श्रुति, द्वितीय नलिनी, तृतीय अन्नी एवं प्रीति

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 9 अगस्त। चातुर्मास के अवसर पर तीन दिवसीय रक्षाबंधन विधान के समापन में परम पूज्य आर्यिका श्री 105 अनर्घमति माता जी ने बेटियों को अपने परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बेटियों को सच्चाई और नैतिकता के मार्ग पर चलने और अपने परिवार की मर्यादा को बरकरार रखने के लिए अपने प्रवचन में कहा।

माताजी ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर माताजी ने प्रवचन में कहा कि राखी का त्योहार भाई-बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक है। यह त्योहार हमें अपने रिश्तों को मजबूत बनाने और एक-दूसरे के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की याद दिलाता है।

चातुर्मास में शहर के सरकंडा जैन मंदिर में परम पूज्य आर्यिका श्री 105 अनर्घमति माता जी ससंघ के सान्निध्य में धर्म लाभ के कई अवसर मिल रहे हैं। इसी कड़ी में रक्षाबंधन में भी माताजी का मंगल आशीर्वाद से तीन दिवसीय रक्षा बंधन विधान के अंतिम दिन “एक राखी गुरु के नाम” राखी बनाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई l

जिसमें समाज के महिलाएं लड़कियां बच्चे सभी ने मिलकर बहुत ही सुंदर-सुंदर राखी की सजावट की । जिसे शनिवार को सरकंडा स्थित जैन मंदिर में विराजमान माताजी एवं समाज के वरिष्ठ जनों के सामने राखियां लाई गई ।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं पंडित पारस भैया इंदौर के निर्देशन में 07 अगस्त गुरुवार से 09 अगस्त शनिवार तक तीन दिवसीय रक्षाबंधन विधान आयोजित किया गया। राखी बनाओ प्रतियोगिता में प्रथम डॉ श्रुति सुप्रीत जैन, द्वितीय नलिनी रजनीश जैन, तृतीय अनी जैन एवं प्रीति आशीष जैन, सांत्वना देशना एवं पिंकी जैन रहीं l

शनिवार को चौका का लाभ निमिषा राहुल, स्वदेश, वीरेंद्र आहार शाला में मंजु राजीव, सपना सोमेश जैन परिवार को मिला।

तीन दिवसीय कार्यक्रमों के दौरान प्रमुख रूप से विनोद जैन, सनत जैन, सुकूमार जैन, श्रीकांत जैन, प्रवीण जैन, मनोज जैन, संदीप जैन, मनीष जैन, संजय जैन, विजय जैन, अनिल जैन, वीर कुमार जैन, जयकुमार जैन, शकुन जैन, साधना जैन, माधवी जैन, दीपक जैन, रजनीश जैन, विशाल जैन, कमल जैन, अमित जैन, अंशुल जैन, प्रभाष जैन, डॉ प्रकाश वासल, शुभम जैन, सुप्रीत जैन, पराग जैन, प्रिया आकाश जैन, श्रुति जैन, अन्नी जैन, आद्य जैन, नलिनी जैन, सविता जैन, प्रीति जैन, निशा जैन, साधना जैन, मनू जैन सहित समाज की बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य उपस्थित थे ।

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