श्री अभा साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय मंत्री समाज सेवी अनिल कोठारी नही रहे… बहना ने सजाई राखी की थाली, वीरा की हुई सांस फूलने से मौत… ऊर्जावान युवाचेता अनिल भाई के देहावसान से जैन समाज सहित कांग्रेस खेमे में छाया शोक

श्री अभा साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय मंत्री समाज सेवी अनिल कोठारी नही रहे… बहना ने सजाई राखी की थाली, वीरा की हुई सांस फूलने से मौत… ऊर्जावान युवाचेता अनिल भाई के देहावसान से जैन समाज सहित कांग्रेस खेमे में छाया शोक

प्रकाश जैन की कलम✒️ से…..

जयपुर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 10 अगस्त।
नानेश पट्टधर,वाणी के जादूगर प्रवचन प्रभाकर जैनाचार्य श्री विजय गुरुदेव के परम गुरु भक्त, युवाचेता श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय मंत्री श्री अनिल कोठारी का शनिवार सवेरे एकाएक देहावसान हो गया। उनके असामयिक देहावसान से सम्पूर्ण जैन जगत हतप्रभ हो गया,सहसा किसी को विश्वास ही नहीं हुआ।


जैन समाज में छाई शोक की लहर
जैन समाज के सेवा समर्पित राष्ट्रीय नेता युवा समाजसेवी श्री अनिल कोठारी के एकाएक देहावसान की खबर जानकर अजमेर सहित पूरे देशभर के जैन समुदाय में गहरा शोक छा गया।
कोठारी के निधन की खबर पर सब हक्के बक्के रह गए।
राखी पर भाई की कलाई रही सुनी..बिन राखी बंधाये चल बसा वीरा, बहना के आंसू रुक नही रहे हैं…
युवा समाज सेवी श्री कोठारी अजमेर में अपने आवास पर भाई बहन के अटूट रिश्ते को और ज्यादा अटूट एवम मजबूत करने हेतु शुक्रवार अल सवेरे अजमेर पहुंचा था।

शुक्रवार पूरे दिन एवम देर रात तक अनिल अपने घर एवम आगरा गेट स्थित अपने कार्यालय केअलावा नया बाजार सहित अन्य बाजारों में अपनो एवम मित्र मंडली से पूरी गर्मजोशी से मिला साथ ही देर रात 01 बजे तक महावीर कॉलोनी में समाज प्रमुखों से संघ विकास एवम उन्नयन पर गहन चर्चा की वहीं अपने साथियों के साथ पुराने खट्टी मीठी यादों को तरोताजा करते हुए हंसते हुए,पूरे मस्ताना अंदाज में खूब बतियाते हुए देखे गए। मित्र मंडली से जय जिनेन्द्र एवम शुभ रात्रि कर विदा ली और घर आकर आराम से सो गया किसी प्रकार की कोई व्याधि रोग नहीं।

अल सवेरे उठकर अपने दैनिक नित्य कर्म से निवर्त होकर अपनों के बीच बैठा ही था कि अनिल को लगा मुझे कफ और खांसी हो रही है तो डॉ के परामर्श के बाद दवा लेकर कुछ आराम करने के बाद लगभग 11.15 एकाएक सांस फूलने लगा। उसे लगा उसे अस्थमा अटैक आया है सभी को अपने आप से दूर कर नवकार महामंत्र का स्मरण करते हुए अंतिम सांस ले ली।

जब अनिल को जगाने पर ही नहीं जगा तो सभी के मानस पटल पर गहरी चिन्ता की लकीरें खींच गई। तत्काल उन्हें अपने आवास के समीप ही मितल अस्पताल इलाज हेतु ले जाया गया, डॉ ने स्ट्रेचर पर देखते ही अपने हाथ ऊंचे कर दिए। काल ने असमय ही इस वीरा के लाड़ले एवम सबके चहेते को लील लिया।
युवाचेता अनिल भाई रक्षा बंधन के मौके पर अपनी प्यारी बहन से राखी भी नहीं बंधवा सका। उसकी लाड़ली बहन मंजू को जीवन के अंतिम पलों में ये फोन पर कहता रहा बस वो आ रहा है लेकिन 11. 20 पर वीरा का कोई संदेशा नही आया तो…वो जैसे ही अपने घर से वीरा के रवाना होने लगी उसे इस खबर ने झकझोर दिया। उसके अभी आंसू रुकने के नाम ही नही ले रहे हैं। बहना की राखी की थाली सजी की सजी रह गई।


हंसमुख स्वभाव एवम सेवा की प्रतिमूर्ति थे अनिल कोठरी,भूल नही पाएगा अजमेर..
समाज के हर तबके से जुड़े,णव्यक्तित्व एवम कृतित्व के घनी, सेवा एवम सरलता की प्रतिमूर्ति अनिल भाई की सरलता एवम सहजता से पूरे अजमेर वासी कायल रहे। हंसमुख स्वभावी श्री कोठारी जैन समाज के राष्ट्रीय नेता होने के साथ साथ जैन समाज के ख्यातनाम व्यक्तित्व थे।

कांग्रेस के जाने माने नेता थे। अपने राजनीतिक गुरु डॉ गोपाल बाहेती के कुशल नेतृत्व में उन्होंने अपने बड़े भ्राता कर सलाहकार श्री सुनील कोठारी को नगर निगम का भाजपा के दिग्गज नेता के पुत्र के सामने पार्षद बना कर अपनी राजनेतिक कौशलता का परिचय दिया था।


अपनी दोनो लाड़ली बेटियों हर्षा वर्षा को देश के राष्ट्रीय मंच दिलवाने में अहम भूमिका अदा की…
56 वर्षीय समाज सेवी श्री अनिल कोठारी ने अपने दोनों पुत्रियों एवम पुत्र की परवरिश शाही तौर तरीको से पूरे ठाठ बाठ से जबरदस्त की। विशेष कर उनकी दोनों पुत्रियों हर्षा एवम वर्षा के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


उनको वो हर मुकाम तक पहुंचाया जिसकी उनकी खवाइश थी। जी टीवी के सबसे चर्चित शो इंडिया बेस्ट जुड़वा की विजेता बनने पर अजमेर नगरी में शानदार जलसा आयोजित कर अपनी प्यारी बेटियो को जन जन से अदभुद सम्मान दिलाया।


फर्श से अर्श पर पहुंचे थे पिता पुत्र..
अजमेर जिले के मूलतया बिड़कच्यावास निवासी स्व.धर्मीचंद कोठारी एवं अनिल भाई अपनी जबरदस्त संघर्ष एवम मेहनत के बलबूते पर फर्श से अर्श पर पहुंचे है। दोनों पिता पुत्र ने गांव से अजमेर आकर जहां पिता ने मुंशी का कार्य आरंभ कर पुरे प्रदेश के ख्यातनाम बीमा व्यवसाई बने वहीं नामी कर सलाहकार के रूप में जाने गए तो पुत्र ने अपने पिताश्री के आदर्शों पर चलकर मेडिकल के व्यवसाय को आरंभ कर अजमेर में अपने बलबूते पर प्रोपर्टी के कारोबार से जुड़कर किंग बन गए । अपनी दोनो बेटियो की शादी करने के बाद उनका दिल अजमेर में नही लगा और वे अपनी माटी को छोड़कर विगत कुछ वषों से सूरत चले गए वही के होकर रह गए।

सूरत में अपनी दोनो बेटियो हर्षा वर्षा एवं पुत्र दिव्यांश एवम धर्म सहायिका संतोष के साथ लेडीज कुर्ती का व्यापक पैमाने पर काम में रंग गए।इस कार्य में उनका कुशल एवम प्रभावी नेतृत्व रंग लाया और गुजरात की इस हार्ट स्थली में इस व्यापार में उनकी चुनिंदा व्यवसाइयों में गिनती होने लगी।
कुछ ही दिन पूर्व मुझसे बतियाते हुए बोला मेरा अनुज…
करीब एक पखवाड़े पूर्व मुझसे मोबाइल पर बतियाते अनिल बोला प्रकाश भाई जल्द ही राजस्थान आ रहा हूं।..
मैं अब बोनस की जिंदगी जी रहा हूं कब बुलावा आ जाए, अगले जन्म का भाता बांधना है।अब थक सा गया हूं।


मेरी आंतरिक इच्छा है कि एक बार और..पापा के एवम मेरे आराध्य गुरु भगवन,जैन जगत की दिव्य विभूति जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरुदेव का अजमेर चातुर्मास करवाने की दिल्लगी तमन्ना है। अपन साथ ने गुरु श्री चरणों में चलेंगे। उन्हे अपना जीवन का अंतिम समय मानो दिख सा गया..वो मुझे बिन कहे सूरत से सीधे गुरु चरणों में जयपुर पहुंच गया।

अपनी बात वो गुरु भगवन् को कह आया गुरुदेव आपके श्री चरण इस चातुर्मास के बाद अजमेर की और पड़े ये मेने चातुर्मास का सपना संजोया है। गुरुदेव ने इस युवाचेता की विनती को झोली में लेकर मौन मांगलिक देकर ये कहकर धर्म संदेश दिया कि पापा के आदर्शों एवं धर्म ध्यान करना कभी भूलना मत।

अजमेर संघ बहुत बड़ा पुण्यवाण एवं भाग्यशाली संघ है। अजमेर आने का बार बार मन करता है। वो संघ के यशस्वी अध्यक्ष श्री कोठारी साहब की कर्म स्थली है…। ये सब बात अनिल ने मुझे पुनः बताई थी प्रकाश भाई ब्यावर संघ की 2026 की पुरजोर विनती है।

ये मेरे सुनने में आया है। मैं आप को साथ लेकर संघ के राष्ट्रीय सिरमौर राजू भूरट, प्रेमराज सोमावत, राजेंद्र कर्णावट, हुकमीचंद सिंगी, संपतराज डेढ़ीया से मैं अजमेर संघ के अध्यक्ष श्री शिखर सिंगी, ताराचंद कर्णावट, भीखम पीपाड़ा को साथ लेकर ब्यावर संघ को जोर देकर मनाऊंगा एवं 2026 का वर्षाकालीन वर्षावास अजमेर करवाने की मेरी भावना को साकार करूंगा लेकिन….सब मझधार में छोड़ चला गया संघ सेवा समर्पित परम गुरु भक्त

भरा भूरा परिवार छोड़ गया अनिल
सुश्राविका तपस्विनी इंद्रा देवी कोठारी की कुक्षी से जन्मे अनिल का विवाह 1994 में ब्यावर निवासी सेठ साहब श्री शोभागमल जी सुंदर कंवर गादिया की सुपुत्री संतोष के साथ संघ हुआ।वे अपने पीछे माता इंद्रा देवी सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर गए है। अनिल के जाने से पूरे परिवार में गहरी रिक्तता आ गई है।
दिवंगत पुण्यात्मा अपने चरम लक्ष्य को प्राप्त करे.. कोठारी परिवार को असमय अनिल के जाने पर गहरा आघात एवं बहुत बड़ा सदमा लगा है। श्री शासन देव इस दुःख एवम वियोग की घड़ी में समस्त कोठारी परिवार को संबल एवम साहस प्रदान करे। दिवंगत पुण्यात्मा अति शीघ्र अपने चरम एवं परम लक्ष्य की और गतिशील हो यही वीर प्रभु से विनती।
दे सकते हैं संवेदनाएं
अजमेर के युवा कांग्रेसी नेता एवम जैन समाज के लब्ध प्रतिष्ठित राष्टीय पदाधिकारी श्री अनिल कोठारी के असमायिक देहावसान पर उनके बड़े भ्राता श्री सुनील कोठारी 9414002200 एवम उनके सुपुत्र दिव्यांश 9828271614 के मोबाइल न पर संवेदनाएं प्रेषित कर सकते है।

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