आरोपीगणों को सश्रम कारावास सहित 1 लाख 60 हजार रूपये का अर्थदंड की सजा थाना सिटी कोतवाली का मामला

आरोपीगणों को सश्रम कारावास सहित 1 लाख 60 हजार रूपये का अर्थदंड की सजा थाना सिटी कोतवाली का मामला

राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ) 21 अगस्त। पीठासीन न्यायाधीश डी.आर. देवाँगन’ द्वारा विचारण उपरान्त अवैध रूप से गांजा बिक्री करने के मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्तगण के विरूद्ध आरोप साबित पाये जाने पर अभियुक्त रमेश सेठी पिता नटवर सेठी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम अस्का, थाना अस्का, जिला गंजाम (उड़िसा) को धारा 20 (ख) (ii) (स) स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अधीन 11 (ग्यारह) वर्ष का सश्रम कारावास’ तथा 1,10,000 रूपये (एक लाख दस हजार रूपये) का अर्थदंड तथा अर्थदंड अदा न किये जाने की दशा में 06 माह का सश्रम कारावास तथा अभियुक्त रुचिता कुमार गोंड़ पिता तुगुर गोंड़, उम्र 31 वर्ष, निवासी प्लाट नंबर 405 रूम नंबर 01, कांशी नगर, बमरोली रोड, पांडेसरा, सूरत (गुजरात) स्थायी पता एस गोपालपुर, थाना पाटापुर, जिला गंजाम (उड़िसा) को धारा 20 (ख) (ii) (स) स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अधीन 07 (सात) वर्ष का सश्रम कारावास तथा 50,000 रूपये (पचास हजार रूपये) का अर्थदंड तथा अर्थदंड अदा न किये जाने की दशा में 04 माह का सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किये जाने का दण्डादेश पारित किया गया।

मामले में शासन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) राजनांदगाँव श्री महेश वर्मा ने बताया कि, दिनाँक 19.04.2024 को तत्कालिक थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक एमन कुमार साहू को मुखबीर के जरिये सूचना मिली कि, राजनांदगांव बायपास के पास दो व्यक्ति अपने पास थैला में गांजा रखकर बस का इंतजार कर रहे हैं।

उक्त सूचना के आधार पर थाना कोतवाली द्वारा स्टॉफ सहित नारकोटिक्स एक्ट के तहत् विधिवत् कार्यवाही करते हुए मौका पहुंचकर घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को पकड़ा गया।

जिनके पास थैला रखा हुआ था। उन व्यक्तियों से पूछताछ करने प उन्होंने अपना नाम रमेश सेठी और रूचिता कुमार गोंड़ बताया। थैले की तलाशी लेने पर उसमें मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया।

इस प्रकार विधिवत् कार्यवाही करते हुए आरोपी रमेश सेठी के कब्जे से 25.090 किलोग्राम तथा आरोपी रूचिता कुमार के कब्जे से 15.610 किलोग्राम मादक पदार्थ’ गांजा बरामद किया गया। आरोपीगण रमेश एवं रूचिता को

गिरफ्‌तार कर जेल भेजा गया तथा संपूर्ण जांच उपरान्त अभियोग पत्र विचारण हेतु विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।

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