बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 22 अगस्त। श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ समाज का चोपड़ा भवन तारबहार, स्थानकवासी का उपाश्रय टिकरापारा, वैशाली नगर में तेरापंथ समाज के द्वारा परम पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व 2025 शुक्रवार को सामायिक दिवस के रूप में मनाया गया । सुबह विशेष पूजा, सामायिक, कल्प सूत्र का वाचन मे पांचवा सूत्र जिसमें पुष्पमाला के बारे में बताया गया ।

रात मे प्रतिक्रमण एवं रात्रि में बच्चे, महिलाओं, पुरुषों के द्वारा कई जैन धार्मिक भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया । साथ ही धार्मिक प्रतियोगिताएं भी कराई गई । सभी तपस्वियों की सुख साता पूछी गई ।
पर्युषण महापर्व के शुक्रवार को तारबहार स्थित चोपड़ा भवन कार्यक्रम स्थल में सुबह पूजन की वेशभूषा धारण कर स्तवन कुलनायक पूजा, मंगल दीपक सहित कई धार्मिक आयोजन संपन्न हुए । समाज की श्रीमती ज्योति चोपड़ा एवं श्रीमती शोभा मेहता द्वारा कल्प सूत्र का वाचन किया गया ।

पर्युषण पर्व में समाज के प्रत्येक घरों में तपस्या चल रही है। जिसमें एकासना, ब्यासना और भी कई कठिन तप किए जा रहे हैं । सभी तपस्वियों के तप की बहुत-बहुत समाज द्वारा अनुमोदना करते हुये तपस्या की सुख साता पूछी गई और उनके स्वास्थ्य की मंगल कामना सभी ने की ।
तेरापंथ जैन समाज, वैशाली नगर
परम आराध्या परम पूजनीय युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की आज्ञा से सूरत की धरा से पधारें उपासक भाई श्री मनीष मालू व कमलेश वेदमुथा प्रातः से रात तक धर्म लाभ देकर समाज में जीवन जीने के सूत्र व तीर्थंकरो की जीवनी का वाचन कर समाज को नई रौशनी देने का प्रयास दें रहे हैं।

सामायिक से हम समता की साधना को बढ़ाने का प्रयास करें। 48 मिनट तक पापों का त्याग किया जाता है । संसार से हटकर अपनी आत्मा से समीप पहुँचा जाता है। सामायिक से समभाव की प्राप्ति होती है । पूर्व के बंधे अनन्त कर्मो की निर्जरा होती है । नये कर्म आने बन्द हो जाते है ।
देव,गुरु,धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है । 14 रज्जुलोक के सभी जीवों को अभयदान मिलता है । सामायिक के साथ साथ तीर्थंकर प्रभु के जीवन चरित्र के माध्यम अपनी आत्मा की उज्ज्वलता को कैसे बढ़ा सके उनके जीवन से हम प्रेरणा ले और अपने जीवन को उसी दिशा में आगे बढ़ाये।

गुजराती समाज टिकरापारा
पर्युषण महापर्व का तीसरा दिन बहुत ही उत्साह और उमंग के साथ रहा, बिलासपुर में पधारे कल्पना दीदी मोदी और दीपाली दीदी दामाणी ने प्रवचन के माध्यम से जैन धर्म की बहुत ही अच्छी सरल प्रक्रिया बताया की सभी को सुबह उठकर नमस्कार महामंत्र का जाप कम से कम पांच बार करना चाहिए, यह नमस्कार महामंत्र जीवन के सारे कष्ट और शारीरिक कष्ट को भी दूर करने वाला उत्तम मंत्र है।

संसार के सभी मनुष्यों को नवकार मंत्र का जाप जरुर करना चाहिए। नवकार मंत्र सिर्फ और सिर्फ जैन के लिए नहीं है अपितु पूरे विश्व में यह मंत्र बोला जाता है और इस मंत्र के चमत्कार को विश्व पूरा ग्रहण कर रहा है, इसलिए इस नमस्कार महामंत्र नवकार मंत्र को ज्यादा से ज्यादा जाप करने से ज्यादा लाभ होता है।

साथ ही दीदी ने कहा कि जैन धर्म में 12 प्रकार के होते हैं ब्रह्म तप, अनशन, उनोदरी, रस परित्याग तप, काया क्लेश, प्रतिशलीनता तप, अन्यतर तप , विनय तप, वैयाविच तप, स्वाध्याय तप, कायोत्सर्ग तप, प्रायश्चित तप, ध्यान तप मनुष्य को इस तप से अत्यंत लाभ प्राप्त होगा। मनुष्य को जितना हो सके उतना इस तप को करना चाहिए ।

तप करने से मनुष्य की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो जाती है। दीदी के द्वारा जैन भवन में ध्यान कक्ष बनाया गया है । जिसमें मंत्रों का जाप शांत मन से बैठकर किया जा सकता है । यह मनुष्य के लिए बहुत लाभदायक रहता है।
आज जैन भवन में राष्ट्रसंत परम गुरुदेव श्री नम्र मुनि महाराज साहब की प्रेरणा से बिलासपुर में पहली बार ” साइंस ऑफ कर्म “एग्जीबिशन लगाया गया है जिसे जैन धर्म के अलावा अन्य मनुष्य भी इसे देखकर एवं समझकर लाभ ले सकता है यह एग्जीबिशन सभी के लिए खुला रहेगा ।
जिसका समय सुबह 11 से 12 बजे तक और दोपहर 4 से 5 बजे तक खुला रहेगा। सभी जैन भाई एवं अन्य भाइयों को इसका लाभ ले सकते हैं। समाज के बहु मंडल द्वारा बहुत ही मनोहर नित्य प्रस्तुत किया गया। आज समाज के इस कार्यक्रम में सभी गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरकंडा मंदिर….
बिलासपुर की धरा में हम सब के सौभाग्य से इस चातुर्मास में परम पूज्य आर्यिका श्री 105 अनर्घमति माता जी ससंघ के सान्निध्य में धर्म लाभ के कई अवसर मिल रहे हैं। शनिवार को माता जी के द्वारा श्री सम्मेद शिखरजी विधान सरकंडा मंदिर में माता जी के सानिध्य में संपन्न होगा कार्यक्रम सुबह 6:30 बजे से माता जी की धार्मिक क्लास, 7:00 बजे से मंगलाष्टक एवं अभिषेक तत्पश्चात विधान प्रारंभ होगा l माताजी ने सकल समाज को इस विधान का हिस्सा बनने के लिए आदेशित किया है।

