युवा बदल सकते भारत का भविष्य,हर प्रकार के व्यसन व नशे से दूर रहे-कुमुदलताजी…. अधर्म व पाप को छोड़ धर्म व पुण्य की तरफ बढ़ने का अवसर पर्युषण महापर्व- महाप्रज्ञाजी

युवा बदल सकते भारत का भविष्य,हर प्रकार के व्यसन व नशे से दूर रहे-कुमुदलताजी…. अधर्म व पाप को छोड़ धर्म व पुण्य की तरफ बढ़ने का अवसर पर्युषण महापर्व- महाप्रज्ञाजी

भीलवाड़ा राजस्थान (अमर छत्तीसगढ). ,23 अगस्त। अनुष्ठान आराधिका ज्योतिष चन्द्रिका महासाध्वी डॉ. कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में आध्यात्मिक चातुर्मास आयोजन समिति द्वारा सुभाषनगर श्रीसंघ के तत्वावधान में दिवाकर कमला दरबार में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के अष्ट दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन के चौथे दिन अरिहन्त भवन में जिनवाणी श्रवण करने के लिए श्रावक-श्राविकाएं बारिश के बीच इस कदर उमड़े कि विशाल प्रांगण छोटा प्रतीत हुआ। तेला तप करने वाले करीब 700 तपस्वियों का सामूहिक पारणा भी सुभाषनगर स्थानक में कराया गया।

पर्युषण के पांचवे दिन रविवार को प्रवचन के दौरान ही भगवान महावीर जन्म कल्याणक प्रसंग मनाया जाएगा। चौथे दिन धर्मसभा में साध्वी कुमुदलताजी म.सा. ने ‘‘उज्जवल भविष्य की ओर युवा’’ विषय पर प्रवचन में कहा कि भारत के पास दुनिया में सबसे बड़ी युवा शक्ति है।

युवा व्यसन मुक्त जीवन जीकर देश का भविष्य उज्जवल बनाने के साथ समाज बदल सकते है,रिवाज बदल सकते है। कल को बदलने से पहले आज का बदलना होगा। युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद जैसे व्यक्तिव प्रेरणास्रोत होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को उज्जवल भविष्य के लिए शराब,सिगरेट,बीडी,गुटखा,तंबाकू जैसे नशे ओर व्यसन से खुद को बचाना होगा। ये नशा जिंदगी को बर्बाद कर देता है। युवा होटल कल्चर से भी बचे ओर शराब व मांसाहार से खुद को दूर रखे। नौजवान सुधर गए तो देश का भविष्य बदल जाएगा। हमे भारतीय संस्कृति पर गर्व होना चाहिए ओर पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण से बचना चाहिए।

साध्वी कुमुदलताजी ने कहा कि विदेशों में जाए तो हमारी वेशभूषा भारतीयता के अनुरूप होनी चाहिए। हमे घर में विदेशी उत्पादों का मोह त्याग अधिकाधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। युवाओं को भरपुर मेहनत कर पैसा कमाने के साथ दान की भावना भी रखनी चाहिए। वह युवा सौभाग्यशाली होते है जो अतुल धन संपदा का दान कर संयम जीवन स्वीकार कर लेते है।

धर्मसभा में स्वर साम्राज्ञी महासाध्वी महाप्रज्ञाजी म.सा. ने कहा कि पर्युषण महापर्व आस्रव को छोड़ संवर की ओर बढ़ने, बुराई छोड़ भलाई करने, अधर्म का त्याग कर धर्म की ओर बढ़ने, पाप को छोड़ पुण्य की तरफ बढ़ने का अवसर है। कलयुग में पुण्य कम पाप ज्यादा होता है। जिनशासन आराधकों के लिए पर्युषण जीवन की गाड़ी सुधारने का अवसर बनकर आता है।

उन्होंने मधुर प्रेरणादायी भजन ‘‘ पाप खपाने आए है आज’’ की प्रस्तुति भी दी। धर्मसभा में वास्तुशिल्पी पद्मकीर्तिजी म.सा. ने अतंगडदशा सूत्र के मूल पाठ का वाचन एवं विवेचन करते हुए तीसरे,चौथे एवं पांचवे अध्याय का वाचन किया।

उन्होंने कहा कि इस वाचन के माध्यम से हम उन संयमी आत्माओं के जीवन का वर्णन सुन रहे है जिनके गुणों को हम अपने जीवन में अंगीकार कर सकते है। पर्युषण पर्व हमारे जीवन में बदलाव का माध्यम बनना चाहिए। दोपहर में विद्याभिलाषी राजकीर्तिजी म.सा. द्वारा कल्पसूत्र का वांचन किया गया।

तेला तप आराधकों का सामूहिक पारणा कराया गया

पर्युषण पर्व के तहत 20 से 22 अगस्त तक सामूहिक तेला तप करने वाले करीब 700 तपस्वियों का सामूहिक पारणा शनिवार सुबह सुभाषनगर स्थानक में कराया गया।

चातुर्मास आयोजन समिति एवं सुभाषनगर श्रीसंघ के सदस्यों ने पारणा कार्यक्रम में सेवाएं प्रदान की। पारणा महोत्सव का लाभ गुप्त परिवार ने लिया। सभी तपस्वियों को गुप्त परिवार के साथ अनिल कोठारी परिवार की ओर से भी प्रभावना दी गई। तेला तप आराधकों में से पांच लक्की ड्रॉ भी निकाले गए।

धर्मसभा में पारणा प्रभावना लाभार्थी अनिल कोठारी,तेला तप के लिए प्रेरणा देने वाली शकुन्तला खमेसरा, चातुर्मास समिति के सचिव राजेन्द्र सुराना, आशीष भड़कत्या, गुलाबपुरा के पुलिस उप अधीक्षक जितेन्द्रसिंह राठौड़ का स्वागत चातुर्मास समिति के अध्यक्ष दौलतमल भड़कत्या,उपाध्यक्ष सुनील नाहर,महावीर बाबेल,महिला मण्डल अध्यक्ष निर्मला भड़कत्या,मंजू पोखरना,नीता बाबेल आदि ने किया। धर्मसभा का संचालन चातुर्मास समिति के सचिव राजेन्द्र सुराना ने किया। धर्मसभा में लक्की ड्रॉ भी निकाला गया। इसके लाभार्थी पवन महावीर कोठारी रत्नसागर वाले रहे।

चातुर्मास में लगा तपस्याओं का ठाठ,गुप्त तपस्याएं भी गतिमान

पर्युषण पर्व के दौरान महासाध्वी मण्डल की प्रेरणा से त्याग तपस्याओं का ठाठ लगा हुआ है। महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. ने बताया कि गुप्त तपस्वियों के 28 एवं 25 उपवास की तपस्या भी चल रही है। सिद्धी तप तपस्या भी गतिमान है।

तेला तप आराधना करने वालों में से कुछ श्रावक-श्राविकाओं ने आगे बढ़ते हुए चार उपवास के प्रत्याख्यान लिए। इसके अलावा तेला, बेला, उपवास, आयम्बिल,एकासन आदि तप के प्रत्याख्यान भी लिए गए। पूज्य प्रवर्तक पन्नालालजी म.सा. की जयंति पर 26 अगस्त को भिक्षु दया का आयोजन भी कराया जाएगा।

पर्युषण में भगवान महावीर जन्म कल्याणक कल मनाया जाएगा

पर्युषण महापर्व के पांचवे दिन रविवार सुबह 8.30 बजे से अतंगडदशा सूत्र का वाचन होगा। इसके बाद महासाध्वी मण्डल के सानिध्य में पुरातन गौरव की छाया में नारी विषय पर प्रवचन एवं भगवान महावीर जन्म कल्याणक मनाया जाएगा। जन्म कल्याणक के दौरान 14 स्वप्नों पर आधारित नाटिका का मंचन किया जाएगा तो भगवान महावीर के जन्म पर उन्हें पालने में भी झुलाया जाएगा।

दोपहर में भगवान महावीर चित्रकला प्रतियोगिता होगी। पर्युषण पर्व के दौरान अखण्ड नवकार महामंत्र जाप सुभाषनगर स्थानक में जारी है। इस दौरान सुबह 7 से रात 9 बजे तक श्राविकाएं एवं रात 9 से सुबह 7 बजे तक श्रावक जाप कर रहे है।

निलेश कांठेड़
मीडिया प्रभारी
आध्यात्मिक चातुर्मास आयोजन समिति, सुभाषनगर, भीलवाड़ा

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