उपासक दिनेश कोठारी एवं जयंतीलाल बरलोटा की उपस्थिति में भगवती संवत्सरी मनाई गई

उपासक दिनेश कोठारी एवं जयंतीलाल बरलोटा की उपस्थिति में भगवती संवत्सरी मनाई गई

राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ) 28 अगस्त।

परम पूज्य आचार्य महाश्रमण जी के आध्यात्मिक निर्देशन में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा राजनांदगांव द्वारा उपासक श्री दिनेश कोठारी एवं श्री जयंतीलाल बरलोटा की सम्माननीय उपस्थिति में कार्यक्रम भगवती संवत्सरी मनाई गई।

कार्यक्रम का संयोजन नलिन कोठारी ने किया ।कार्यक्रम की शुरुआत उपासक दिनेश जी कोठारी ने नवकार जाप और ध्यान से कराई । फिर उन्होंने जैन धर्म के इतिहास के बारे में बताया और कहा कि यह सृष्टि अनादि काल से चल रही है।

इसमें 20 क्रोड़ा-क्रोडी सागरोपम का एक काल चक्र होता है उसमें एक उत्सर्पिणी और एक अवसर्पिणी होते हैं। इस समय अवसर्पिणी काल चल रहा है। इसके पहले, दूसरे, तीसरे आरे में यौगलिक हुए जिन्हें काम नहीं करना पड़ता था।

उनकी आवश्यकताएं कल्प वृक्षों से पूरी हो जाती थी| तीसरे आरे के अंत में इस अवसर्पिणी के पहले तीर्थंकर ऋषभ का जन्म हुआ। उन्होंने सबको असि, मसि और कृषि की शिक्षा प्रदान की। वे पहले राजा, पहले केवलज्ञानी और पहले तीर्थंकर थे।

उन्होंने समाज की व्यवस्था कर लौकिक शिक्षा दी और बाद में सन्यास ग्रहण कर आध्यात्म की शिक्षा भी प्रदान की| बाद में पद्म लेश्या और शुक्ल लेश्या के लक्षणों की चर्चा करते हुए, प्रत्येक लेश्या से व्यक्ति की अगली गति के बारे में बताया।


बहुमंडल ने गीतिका ‘अरहन्तों को नमन है, श्री सिद्धों का सुमिरण है’, गाई| इसके बाद ललिता ढड्ढा और सरोज कोठारी ने गीतिका ‘संवत्सरी का पावन दिन आया, सारा जैन समाज हरसाया’ की प्रस्तुति दी, कंचन सुराणा ने तपस्वी सौरभ सुराणा की अठाई की तपस्या की अनुमोदना में गीतिका ‘तपस्या वाले भैया से पूछे जग सारा, अठाई का तप तूने कैसे कर डाला’ प्रस्तुत की।

इसके बाद प्रस्तुति ज्ञानशाला के बच्चों ने दी। विभिन्न परीक्षाओं में पास हुए विद्यार्थियों और ज्ञान शाला के बच्चों का सम्मान किया गया।
इसके बाद उपासक जयन्तीलाल ने भगवान महावीर के 27 भवों, उनके जन्म तथा बचपन से सम्बंधित घटनाओं का वर्णन किया। शाम को लगभग 200 प्रतिक्रमण हुए| कुल 27 पौषध हुए।

उपासक दिनेशजी कोठारी ने आज सुबह सामूहिक खमत-खामणा के कार्यक्रम के बाद मैत्री, प्रमोद, करुणा और मध्यस्थ भावना के विकास की मंगल कामना की।

आज कई श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक क्षमा याचना के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए| कार्यक्रम में तेरापंथी सभा,तेरापंथ युवक परिषद,और महिला मंडल की सराहनीय उपस्थिति रही.ये जानकारी तेयुप के अध्‍यक्ष आशीष सुराणा ने दी।

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