ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 31 अगस्त।
(प्रकाश जैन वरिष्ठ पत्रकार)
जैन धर्म में तपस्या की खासी महत्ता है। श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं पूरे वर्ष तप से अपनी काया को तपाते है।
जैन धर्म के मुख्य पर्व पर्वधिराज पर्युषण पर्व के 08 दिनों एवम
संवतसरी महापर्व पर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं तप में जुटी रहती हैं। तप से आत्मा कुंदन बनती है इस युक्ति को सार्थक किया श्री सीमेंट के संयुक्त अध्यक्ष श्री अरविंद खींचा के सुपुत्र विनीत ने जो इस महापर्व को मनाने अमेरिका से आया था।
भीषण गर्मी के तांडव के बीच तप से निखरा युवा तपस्वी विनीत…
इस भीषण गर्मी के तांडव के बीच प्रदेश के प्रमुख शिक्षाविद श्री आई.एम.खीचा के पौत्र एवम श्री सीमेंट के संयुक्त अध्यक्ष श्री अरविंद खींचा के पुत्र विनीत ने केवल गर्म पानी के आधार पर 08 उपवास (अठाई) की तपस्या कर तप से युवाओं को धर्म के मर्म को गहराई से समझते हुए धर्म से जुड़ने का अदभुद अलख जगाया।
पत्नी एवम मातु श्री ने तप से की अनुमोदना….
तपस्वी विनीत के तप की अनुमोदना में उसकी धर्म सहायिका मुमुक्षा जी ने 04 उपवास एवम विनीत की मातुश्री डॉ निर्मला खीचा ने तेला तप कर इस युवाचेता के तप की दिव्य अनुमोदना की।

तपस्वी के सम्मान में देश भर से पहुंचे संघ प्रमुख…
शनिवार को विनोद नगर स्थित महावीर भवन में देश प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से संघ प्रमुखों,महिला मंडल,युवा मंच के नेतृत्व में तीनो तपस्वियों का बहुमान अभिनंदन किया गया। खींचा परिवार से जुड़े श्रावक श्राविकाओं ने तपस्वी विनीत एवं दोनो तपस्विनी डॉ निर्मला खीचा,मुमुक्षा का मोतियों एवम चंदन के हार एवम माला से भव्य स्वागत करते हुए शाल एवं चुंदड़ी ओढ़ाकर बहुमान किया।
इस मौके पर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने भगवान श्री ऋषभदेव, भगवान श्री महावीर स्वामी, भगवान श्री पार्श्वनाथ,शासन माता श्री चक्रेश्वरी देवी एवं गुरु भगवन्तों की जय जयकारों से समूचे क्षेत्र को गुंजायमान कर अपनी श्रद्धा आस्था ,समर्पण भावो का परिचय दिया।

खीचा परिवार ने सभी श्राविकाओं को प्रभावना स्वरूप स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। तप संचालन समारोह का कुशल एवम प्रभावी सुश्रावक प्रकाश जैन ने किया।
कोकिल कंठी गायक हर्षित जैन ने अपने भजन से तप समारोह को नया आयाम दिया..
प्रदेश के उभरते एवम कोकिल कंठी गायक हर्षित जैन ने तपस्वी के आज गुण गाना,आना आना सब मिलकर आना… मुक्ति के राहों पर जाना,तपस्वी के गुण गाना
तपस्या तो कल्याण कारी कहाये,तपस्या तो मंगल कारी मनाए..तप गीतो की भक्तिमय प्रस्तुति से तप समारोह के साक्षी श्राविकाओं को तप की भक्ति में गहरे गोते लगवाए।

तपस्वियों के सम्मान एवम बहुमान करने में झलका उत्साह..
महावीर भवन के कांफ्रेंस हाल ने आयोजित अभिनंदन एवम बहुमान समारोह में तपस्वियों के सम्मान करने में जबरदस्त होड़ के साथ जोरदार उत्साह एवम अपनत्व झलका।
बहुमान समारोह के साक्षी श्रावक श्राविकाओं ने इन तपस्वियों के तप का अभिनंदन एवम बहुमान कर उनके यशस्वी एवम मनस्वी जीवन की शुभकामनाएं दी।

खीचा परिवार के तीनो तपस्वी साधक अपनो से मान सम्मान,बहुमान पाकर खूब खूब अभिभूत एवम पुलकित दिखाई दिए।
प्रभु महावीर की जयघोष एवम संत प्रवर श्री गौतम मुनि की जय जयकार से समारोह का भव्य समापन जय जिनेंद्र के उद्घोषों से हुआ।

