राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 8 सितंबरl, भारतीय संस्कृति और सभ्यता को विश्व में गुंजायमान करने के लिए सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आज तक के इतिहास को समेटे हुए सिंधी समाज आज देश के साथ-साथ प्रदेश में भी अपनी मजबूत स्थिति में स्थापित हो चुका है इसलिए समय की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ की सभी पंचायत को जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ महा सिंधुपंचायत की परिकल्पना को साकार करते हुए रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष अमर गीदवानि ने 6 सितंबर शनिवार शाम को प्रदेश समिति की बैठक आहूत की गई
जिसमें चेयरमैन चेतन थारवानी,वाइस चेयरमैन वासुदेव जोतवानि, विनोद तलरेजा, महेंद्र आहूजा, अशोक मलानी कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद वाधवानि,किशोर आहूजा,राजेश वासवानि, इंदर डोडवानि महामंत्री राधाकिशन सुन्दरानी कोषाध्यक्ष रवि ग्वालानी महिला विंग अध्यक्ष भावना कुकरेजा, युवा विंग अध्यक्ष महेश आहूजा नियुक्त किए गए तथा महापंचायत के वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शन में संरक्षक मंडल का भी विधिवत गठन किया जिसमें श्रीचंद सुन्दरानी, सतीश थारानी ,रूपचंद भीमनानी राजनांदगांव , सुन्दर दास जादवानि ,जीवतराम तोलवानि ,मोहन लाल तेजवानि ,लद्दाराम नैनवानि , सम्मन लाल खूबचन्दानी तील्दा ,खेमचंद मध्यानी दुर्ग, राम गिडलानी, टिल्डा मुरलीधर माखिजा कोरबा, राजा देवनानी कांकेर सहित 12 सदस्यीय संरक्षक मंडल का गठन किया गया।
वाइस चेयरमैन बने चंदर विधानी, संजय रहेजा, लक्ष्मण जगवानि एवं शिव ग्वालानी को सलाहकार कानून एवं साहित्य के पद पर नियुक्त किया गया
उक्त बैठक में सर्वसम्मति से सिंधी समाज की बेहतरी और एकता के लिए कार्य करने प्रदेश के हर जिले में छत्तीसगढ़ सिंधु महापंचायत की इकाई गठन का प्रस्ताव पारित किया गया�

