पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना पड़ा महंगा : DEO ने शिक्षक को किया सस्पेंड, FIR की तैयारी में जुटा विभाग

पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना पड़ा महंगा : DEO ने शिक्षक को किया सस्पेंड, FIR की तैयारी में जुटा विभाग

बलरामपुर(अमर छत्तीसगढ़) 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक पर बड़ा एक्शन लिया गया है। कुसमी विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मक्याठी में पदस्थ सहायक शिक्षक ईश्वरी प्रसाद टंडन को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की भी तैयारी चल रही है।

जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत की है। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार ईश्वरी प्रसाद टंडन ने अपने नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र टिप्पणी की थी।

अधिकारी ने कहा कि शिक्षक का यह आचरण न केवल असंवेदनशील है, बल्कि एक सरकारी कर्मचारी के लिए अनुचित भी है। डीईओ ने बताया कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 03 का उल्लंघन है, जिसके तहत हर सरकारी कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह शालीन, निष्पक्ष और मर्यादित व्यवहार रखे तथा ऐसा कोई कार्य न करे जिससे सरकार की छवि को क्षति पहुंचे। साथ ही, यह आचरण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सोशल मीडिया उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन है। जिसके चलते शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गई है।

निलंबन आदेश में उल्लेख है कि ईश्वरी प्रसाद टंडन का मुख्यालय निलंबन अवधि में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कुसमी में रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

डीईओ मनीराम यादव ने कहा कि, सरकारी पद पर रहते हुए किसी भी व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं, संवैधानिक पदों या जनप्रतिनिधियों की गरिमा आहत हो। सभी कर्मचारी सोशल मीडिया पर अपनी अभिव्यक्ति में संवैधानिक मूल्यों और सेवा आचरण नियमों का पालन करें।

प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो विभाग ने शिक्षक द्वारा की गई पोस्ट के स्क्रीनशॉट और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। इन्हें विभागीय जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। निलंबन अवधि में जांच प्रक्रिया पूरी कर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। इसके अलावा एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

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