बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 28 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मंगलवार को धर्मांतरण मामले में हुई सुनवाई हुई। जहां चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं की याचिका का निराकरण करते हुए कहा कि, कोई दिक्कत है तो ग्राम सभा या एसडीएम के पास आवेदन करें।
दरसअल, सामाजिक कार्यकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए जनहित याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि, घोटिया गांव के बाहर होर्डिंग लगाकर पास्टर, पादरी के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गांव के बाहर लगे बोर्ड में लिखा है कि, किसी भी धार्मिक आयोजनों के लिए धर्मांतरित ईसाई समाज के लोगों का आना वर्जित है। याचिकाकर्ता के वकील ने मांग कि, इसे होर्डिंग को हटाया जाए और कांकेर कलेक्टर इस पर कार्रवाई करें।
इस पर शासन ने तर्क ने प्रस्तुत करते हुए कहा कि, आदिवासियों को बाहरी तत्व ब्रेन वाश करते हैं। उनके पूजा पाठ करने से मना करते हैं। साथ ही आदिवासियों को कन्वर्ट करते हैं। हाईकोर्ट ने शासन के तर्क को सही पाया।

