ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 15 नवंबर
जैन जगत की दिव्य विभूति,संयम सुमेरु नानेश पट्टधर, जैनाचार्य प्रवर श्री विजय राज जी महाराज सा की आज्ञानुवर्ती शासन प्रभाविका महासती रत्ना राजश्री जी महाराज सा अपनी सहयोगी साध्वियों के साथ ब्यावर में पदार्पण होगा।
पदार्पण के साथ वे ब्यावर में नवकार भवन में अल्प प्रवास करेंगे। जहां नित्य प्रति सेठ मेघराज कोठारी हाल में जिन वाणी गूंजेगी। जिन वाणी के रसपान करने हेतू श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं आतुर हैं।
श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय संरक्षक,संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भामाशाह हेमंत कोठारी ने एक जानकारी में बताया कि श्री विजय गुरुदेव वाटिका की वरिष्ठ साध्वी रत्ना राजश्री महाराज अपना सरवाड़ वर्षाकालीन चातुर्मास पूर्ण कर ब्यावर पधार रहे हैं।
साध्वी मंडल के सरवाड़ चातुर्मास में धर्म ध्यान, जप जाप, तप त्याग एवम साधना आराधना के विविध कार्यक्रमों के साथ धर्म की अनुपम बयार के जोरदार ठाठ लगा। जिसमे सरवाड़ सहित देश भर के श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने गहरे गोते लगाते हुए मानव जीवन को सार्थक करने का दिव्य पुरुषार्थ किया।
शासन प्रभाविका महासती राजश्री जी ठाणा 05 अजमेर ब्यावर जिले के गांव गांव,ढाणी ढाणी में भगवान महावीर जैनाचार्य श्री नानेश, जैनाचार्य श्री विजय गुरु व उपाध्याय प्रवर जितेश मुनि महाराज सा के दिव्य संदेशों,आदर्शों आदेशों का अलग जागते हुए,जिनवाणी का डंका बजाते हुए श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ की तीनों इकाइयों के विनम्र आग्रह एवं भावभरी विनती पर ब्यावर नगर में शेखे काल के प्रवास के तहत मेंवाड़ी गेट बाहर,जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन में प्रवास करते हुए जिन वाणी की बरखा बरसायेंगे।
04 दशक से देशभर में जैन धर्म की दिव्य पताका लहरा रहे है महा साध्वी राजश्री
श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक स्वर्गीय चंपालाल जैन की लाडली बेटी समाज सेविका सुश्राविका लीला कोठारी ने बताया कि विगत लगभग चार दशक से देश के विभिन्न प्रांतो में महासती रत्ना अपनी सहयोगी साथियों के साथ देशभर में हजारों किलोमीटर का पैदल विहार कर जैन धर्म की दिव्य ज्योत जलाते हुए जिनशासन की दिव्य प्रभावना में पूरी समर्पण भावो से जुटे हुए हैं जैन धर्म का दिव्य डंका बजाने वाली महा साध्वी राज श्री महाराज का संपूर्ण जीवन बेहद सरल है।
साध्वी मंडल श्री विजय गुरु देव के संघ के उन्नयन एवम विकास में पूरे समर्पित भावों से संयम साधना जीवन यात्रा के नित नए आयामों की और गतिशील है। शासन प्रभाविका राज श्री महाराज विगत वर्षों से बालक एवं बालिकाओं में धार्मिक सुसंस्कारो के बीजारोपण एवं अभिवृद्धि हेतु धार्मिक शिक्षण शिविर के माध्यम से सु संसंकारित करने का अद्भुत बीड़ा उठाए हुए है।

राज श्री के ब्यावर प्रवास को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह
महासती रत्ना के ब्यावर में अल्प प्रवास के दौरान धर्म जागरण हेतु श्राविकाओं व श्रावकों में विशेष उत्साह उमंग है। महासती रत्ना सरवाड़ से बिहार कर मसूदा प्रवास कर मसूदा से आज दोपहर में विहार करते हुए खीमपुरा होते हुए ब्यावर आएंगे।महिला मंडल की पूर्व अध्यक्ष सुश्राविका शशि कर्णावट एवम शारदा जी छ्लानी ने बताया कि महासती मंडल के अल्प प्रवास के दौरान ब्यावर संघ के महिला मंडल, युवा संघ श्रावक संघ के साथ सभी सदस्यगण सेवा समर्पित भाव से धर्म ज्ञान की सरिता में गहरी डुबकियां लगाएंगे।
विहार पद यात्रा में झलका भक्ति भाव एवम उत्साह
श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन यूवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन ने बताया कि श्री विजय गुरु संघ की वरिष्ठ साध्वी रत्ना के सरवाड़ से मसूदा विहार पद यात्रा में सरवाड़ एवम मसूदा संघ सहित मार्ग के सेवा समर्पित सदस्यों ने विहार सेवा का लाभ लेकर पुण्य अर्जित किया तो मसूदा से खीमपूरा तक की किलो मीटर पैदल विहार यात्रा में महासती मंडल के साथ चलकर आदर्श प्रस्तुत किया।
यूवा संघ अध्यक्ष विनोद लोढ़ा ने बताया कि संत महा पुरुषों एवम साध्वी मंडल के विहार में श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ की तीनों इकाइयों के साथ युवाओं में विशेष उत्साह एवम समर्पण भाव देखने को मिलता है।श्री विजय गुरु संघ की विजय यात्रा के महासती मंडल के विहार यात्रा में खासा उत्साह झलका।

विहार यात्रा में संघ अध्यक्ष संपतराज ढेडीया, पारसमल जैन,ओंकारमल लोढ़ा, नेमीचंद तातेड,केवलचंद खीचा,विनोद लोढ़ा,प्रिंस कोठारी
गौतम लोढ़ा,संदीप ढेड़ीया महिला मंडल की उगम कंवर जैन,अनिता ढेड़ीया सहित श्रावक श्राविकाओं ने
हिस्सा लेकर जैन धर्म के प्रचार प्रसार में सहभागी बने।

