राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 3 दिसंबर। युगांतर पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवा के क्षेत्र में कॅरियर निर्माण हेतु प्रभावी कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें मुख्य वक्तव्य राजनांदगाँव के कलेक्टर जितेंदर यादव द्वारा दिया गया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईमानदारी सबसे महँगा शौक होती है औऱ यह सर्वोत्तम नीति भी होती है ,इसलिए इसे अपने भीतर हमेशा जीवित रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों का कॅरियर निर्माण की दिशा में निरंतर अभ्यास ही उसे उत्कृष्ट बनाता है।
विद्यार्थियों को ईमानदारी और विनयशीलता से निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए। वे ऐसा करने से एक-न-एक दिन सफल अवश्य होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए तथा जीवन में सकारात्मक ढंग से निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि किस तरीके से अहंकार का त्याग किया जा सकता है और किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य की प्राप्ति की जा सकती है। एक प्रशासनिक अधिकारी को जनकल्याण का उद्देश्य लेकर कार्य करना चाहिए ।
विद्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सिलेबस से गाइडेंस लेना चाहिए तथा अपने इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए परिणाम की चिंता किए बिना निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
हमें किसी कार्य को करने से पहले यह सोचना चाहिए कि इसे क्यों करें, जब इसका जवाब मन में मिल जाए, तब यह योजना बनानी चाहिए कि इसे हम कैसे सफलतापूर्वक करें। उन्होंने विद्यार्थी जीवन को सबसे सुखी जीवन बताया। इस जीवन में केवल पढ़ाई के अलावा कुछ करना नहीं होता।
विद्यार्थी जीवन में प्राप्त संसाधनों का सही प्रयोग टाइम मैनेजमेंट के द्वारा करने से मनवांछित सफलता प्राप्त होती है। यही नहीं विद्यार्थी दृढ़ संकल्प के द्वारा बिना किसी संसाधन के द्वारा उच्च मुकाम हासिल कर सकता है। इस दिशा में विद्यार्थी को मार्गदर्शन तथा सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए बताया कि विद्यार्थी को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए एक मेंटर की भी आवश्यकता होती है। वह विद्यार्थी की नकारात्मकता को सकारात्मकता में परिवर्तित कर देता है। सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ाई ही महत्वपूर्ण होती है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल और सामाजिक व्यवहार को सुदृढ़ करना था, जिससे वे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी अच्छे से कर सके। विद्यार्थियों की उत्साहवर्धक भागीदारी ने इन सत्रों को रोचक और प्रेरणादायक बना दिया।
इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य मधुसूदन नायर, निदेशक (अकेडमिक्स) सुशील कोठारी, चेयरमैन अजय सिंगी, हैड मिस्ट्रेस विनिता तिलवानी द्वारा कलेक्टर महोदय का स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।

