रायगढ़(अमर छत्तीसगढ) 18 जनवरी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में होली की रात पारिवारिक विवाद में सगे भाई की हत्या करने वाले छोटे भाई को आजीवन कारावास और पचास हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। वहीं अदालत में बयान पलटने वाले पिता के खिलाफ भी कार्यवाही की गई है।
सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन, रायगढ़ ने थाना जूटमिल क्षेत्र के बहुचर्चित हत्या प्रकरण में आरोपी सुनील कुमार दास पिता पंचराम महंत, उम्र 28 वर्ष, निवासी तरकेला जूटमिल को अपने सगे छोटे भाई निर्मल दास की निर्मम हत्या का दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना जूटमिल में पदस्थ उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा की गई थी, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पी.एन. गुप्ता ने प्रभावशाली पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार ग्राम तरकेला निवासी पंचराम एवं उनकी पत्नी भानुमति के तीन पुत्र हैं। निमाई दास, सुनील दास (आरोपी) एवं निर्मल दास (मृतक)। 14 मार्च 2025, होली पर्व की रात्रि लगभग 8 बजे, सुनील और निर्मल के बीच आपसी विवाद हुआ।
परिजनों द्वारा समझाने के बावजूद आरोपी नहीं माना और लकड़ी के डंडे से सिर, हाथ व पैरों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे निर्मल दास की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताया, किंतु माननीय न्यायालय ने अभियोजन के ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा किया गया कृत्य मानव वध की श्रेणी में आने वाला हत्या का अपराध है।
प्रकरण के दौरान यह भी उजागर हुआ कि आरोपी/मृतक के पिता पंचराम महंत (70 वर्ष) ने आरोपी को बचाने के उद्देश्य से पुलिस को दिए गए पूर्व कथन के विपरीत न्यायालय में मिथ्या बयान दिया। इस पर माननीय सत्र न्यायाधीश ने उनके विरुद्ध धारा 383 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।

