राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 19 जनवरी प्रख्यात मानस कोकिला बृजेश्वरी देवी ने आज यहां कहा कि ज्ञान और वैराग्य तभी सामने आते हैं ,जब श्रद्धा और विश्वास का मिलन होता है।उन्होंने कहा कि रामचरित्र मानस किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं बल्कि मानव जाति के लिए है बृजेश्वरी देवी अनुपम नगर स्थित आनंद वाटिका अयोध्या धाम में आदर्श महिला मंडल द्वारा आयोजित श्री राम कथा के प्रथम दिन बोल रही थी।
मानस कोकिला बृजेश्वरी देवी ने कहा कि हम कथा अपने मन को शांत करने के लिए कराते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में सिर्फ दो ही गंगा है एक भागीरथी गंगा और दूसरी मानस गंगा । उन्होंने राजा बलि और बटुक की कथा सुनाते हुए कहा कि बिना संकल्प दान सफल नहीं होता । उन्होंने बताया कि बटुक ने विशाल रूप धारण कर तीन पग में पृथ्वी, पाताल और आकाश को नाप दिया,जब उनका कदम ब्रह्मलोक पहुंचा तो भगवान ब्रह्मा ने नारायण के श्री चरण को धोया और वही पानी बाद में भागीरथी गंगा बनी । इस गंगा में स्नान करने के लिए स्वस्थ होना जरूरी है और इसके पास जाना पड़ता है जबकि मानस गंगा मानव कल्याण के लिए है और मनुष्य इसे चलते-चलते भी सुनकर डुबकी लगा सकता है ।
उन्होंने कहा कि भक्ति घाट में जो कथा सुनाते हैं वह सबको लेकर चलते हैं, जबकि ज्ञानी केवल अपने लिए जीता है और बैरागी भी ठीक वैसे ही जीता है। कर्म करने वाला अपने लिए ही कर्म करता है । रत्नाकर जब दस्यू थे तब उनके पाप कर्म का हिस्सा उनकी पत्नी या बच्चे भी नहीं बनना चाहे। महर्षि वाल्मीकि तो राम बोलना भी नहीं जानते थे किंतु मरा मरा बोलकर वे राम बोलने लग गए। कथा के पहले दिन आज आदर्श महिला मंडल द्वारा कलश यात्रा निकाली गई जो अनुपम नगर कॉलोनी का भ्रमण कर वापस आनंद वाटिका स्थित अयोध्या धाम पहुंची, जहां आदर्श महिला मंडल द्वारा प्रसादी का भी आयोजन किया गया । यह जानकारी मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने दी।

