भगवान की हर इच्छा को हम अपनी इच्छा‎ समझें तो हम सुखी होंगे – बृजेश्वरी देवी

भगवान की हर इच्छा को हम अपनी इच्छा‎ समझें तो हम सुखी होंगे – बृजेश्वरी देवी



‎राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 20 जनवरी । प्रख्यात मानस कोकिला बृजेश्वरी देवी ने आज यहां कहा कि “होनी ” को कोई नहीं टाल सकता और होता वही है जो वे (भगवन)चाहते हैं। उनकी इच्छा में हम अलग से अपनी इच्छा जोड़ लेते हैं तो हम दुखी हो जाते हैं, इसलिए उनकी हर इच्छा को हम अपनी इच्छा समझें तो हम कभी दुखी नहीं होंगे।


‎ मानस कोकिला बृजेश्वरी देवी ने अनुपम नगर स्थित अनुपम वाटिका अयोध्या धाम में आदर्श महिला मंडल द्वारा आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन मां पार्वती और श्री राम के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया।

बृजेश्वरी देवी ने कहा कि मां पार्वती का जन्म हिमालय राज के यहां मैना के गर्भ से हुआ था। उन्होंने कहा कि मैं का अर्थ होता है अहंकार और ना का अर्थ होता है नहीं अर्थात जिसमें कोई अहंकार ना हो।

उन्होंने कहा कि माता सती राम को परमात्मा के रूप में स्वीकार नहीं कर पाई थी किन्तु मां पार्वती के रूप में उन्हें भगवान श्री राम को परमात्मा के रूप में स्वीकार करना पड़ा।



‎ बृजेश्वरी देवी ने कहा कि जिस घर में बुलाने पर संत आए तो यह भाग्य होता है और यदि बिना बुलाए कोई महात्मा आ जाए तो यह सौभाग्य होता है ।

उन्होंने कहा की समस्याएं आती तो उसका निवारण भी होता है।उन्होंने कहा कि सामर्थ्यवान का कोई दोष नहीं होता। सूर्य, अग्नि को कोई दोष नहीं लगता। इसी तरह गंगा भी पवित्र है और उसे कोई दोष नहीं लगता । उन्होंने कहा कि मां पार्वती ने शिव के चरण को अपने हृदय में बसा कर तपस्या की थी तब उन्होंने शिव जैसे वर को प्राप्त किया था ।

इसी तरह कन्याओं को भी शिव की पूजा करनी चाहिए ताकि उन्हें अच्छा वर मिल सके। आज की कथा में श्रीमती रंजना अग्रवाल, श्रीमती अर्पिता मिश्रा, श्रीमती सीमा पांडे , श्रीमती मोहिनी शुक्ला, अभिलाष ठाकुर एवं शीला गुप्ता सहित आदर्श महिला मंडल की सभी सदस्यों ने व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली और सुमधुर संगीत के साथ डांस भी किया।

आज की कथा में महाप्रसाद झंकार महिला मंडल के द्वारा चढ़ाया गया और इस कार्य में अनीता लोहिया, श्रीमती संतोष अग्रवाल श्रीमती लक्ष्मी गुप्ता और समस्त झंकार मंडल की महिलाओं का विशेष योगदान रहा। यह जानकारी मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने दी।

Chhattisgarh