तीन दिवसीय साहित्य उत्सव… सूत्रधार के रूप में श्रोताओं और कवियों के मध्य खूबसूरत तालमेल बनाते हुए वातावरण को साहित्यमय बनाया

तीन दिवसीय साहित्य उत्सव… सूत्रधार के रूप में श्रोताओं और कवियों के मध्य खूबसूरत तालमेल बनाते हुए वातावरण को साहित्यमय बनाया

रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 24 जनवरी। तीन दिवसीय साहित्य उत्सव उद्घाटन सत्र के पश्चात प्रारंभ हुई विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के मध्य विभिन्न मंडप में अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख वक्ताओं और साहित्यकारों ने विचार व्यक्त किया।

मुख्य मंच विनोद कुमार शुक्ला मंडप के रूप में तैयार किया गया जिसमें उद्घाटन सत्र के पश्चात विभिन्न वक्ताओं ने विचार व्यक्त किये।


इसी प्रकार श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप, लाला जगदलपुरी मंडप, अनिरुद्ध नीरव मंडप में भी वक्ताओं ने अपनी रचनाओं का पाठ किया एवं विभिन्न विषयों पर चर्चा की ।


इसी क्रम में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि साहित्यकारों, कवियों एवं लेखों के लिए सुरक्षित सुरजीत नवदीप मंडप में महासमुंद जिले के साहित्यकारों का काव्य पाठ संध्या 6:00 बजे प्रारंभ हुआ जिसमें महासमुंद जिले से प्रतिनिधि कवियों ने और साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं पढ़ीं।


महासमुंद जिले के कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर शाम तक बाँधे रखा।
जिले के कवियों में वरिष्ठ ग़ज़लकार अशोक शर्मा, जनाब हबीब खान समर, बंधु राजेश्वर खरे, प्रलय थिटे, श्रीमती साधना कसार, श्रीमती एस चंद्रसेन, डॉ विकास अग्रवाल, श्रृंखला साहित्य मंच से प्रवीण प्रवाह, एफ ए नंद तथा स्वराज तरुण दास उपस्थित थे।


काव्य संध्या का संचालन बागबाहरा से डॉ विकास अग्रवाल ने किया एवं सूत्रधार के रूप में श्रोताओं और कवियों के मध्य खूबसूरत तालमेल बनाते हुए वातावरण को साहित्यमय बनाया जिससे श्रोताओं ने सभी कवियों को बखूबी सुना और रचनाओं का आनंद लिया।

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