विश्व सामाजिक कार्य दिवस पर सैकड़ों बुजुर्गों को मिला मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह…   वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और स्नेह के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक : कुलपति प्रो आलोक चक्रवाल…. समाज सेवा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है : पंकज चोपड़ा

विश्व सामाजिक कार्य दिवस पर सैकड़ों बुजुर्गों को मिला मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह… वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और स्नेह के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक : कुलपति प्रो आलोक चक्रवाल…. समाज सेवा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है : पंकज चोपड़ा

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 17 मार्च । गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में विश्व सामाज कार्य दिवस के अवसर पर “स्वास्थ्य, सम्मान और स्नेह” विषयक वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर का आयोजन सामाजिक कार्य विभाग एवं जीजीवी श्रवण लाइन द्वारा भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के आगमन एवं स्वास्थ्य शिविर के अवलोकन के साथ हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर सभी अतिथियों का बैच लगा कर, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय परंपरा का प्रतीक रहा। कार्यक्रम में विशेष रूप से कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. शैलेंद्र कुमार, सामाजिक विज्ञान संकाय प्रो. राम कृष्ण प्रधान,
समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव, प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा, डॉ. संज्ञा त्रिपाठी, श्री सुमन लकड़ा, डॉ सन्दीप मोरिशेट्टी, श्री सागर राजपूत, संतोष सहित विश्वविद्यालय के अन्य विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।


साथ ही भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़) के राष्ट्रीय महासचिव श्री पंकज चोपड़ा, संरक्षक श्री एस. के. जैन, श्री विमल चोपड़ा एवं राज्य सचिव श्री अमरेश जैन , अध्य्क्ष एडवोकेट सुनीता जैन, अंशुल जैन अभिनव डाकलिया, मनोज जैन, चंद्रप्रकाश बोथरा, सुमित, शितेश बैद की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा चिकित्सकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं जीजीवी श्रवण लाइन के स्वयंसेवकों को सम्मानित करते हुए प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, एनजीओ एवं विद्यार्थियों के मध्य संवाद, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है : प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल

कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके दायित्वों के निर्वहन से होती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा को सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समाज में संवेदनशीलता और सेवा भावना को बढ़ावा देते हैं तथा विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।

समाजोपयोगी गतिविधियों के माध्यम से ही संस्थान की वास्तविक पहचान बनती है : प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित

कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार करता रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों में सामाजिक चेतना और उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। उन्होंने इस आयोजन को विश्वविद्यालय और समाज के बीच एक मजबूत सेतु बताया।

समाज सेवा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है : श्री पंकज चोपड़ा

भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़) के राष्ट्रीय महासचिव श्री पंकज चोपड़ा ने कहा कि समाज सेवा किसी एक संस्था का कार्य नहीं, बल्कि सभी की सहभागिता से ही संभव होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय जैन संगठन सदैव समाजहित में कार्य करता रहा है और आगे भी ऐसे आयोजनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और सेवा भावना को सुदृढ़ करते हैं : श्री एस. के. जैन

संरक्षक श्री एस. के. जैन ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया।

संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों से ही समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन संभव है : श्री विमल चोपड़ा

संरक्षक श्री विमल चोपड़ा ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयास से ही समाज में प्रभावी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने इस आयोजन को सहयोग और सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

जमीनी स्तर पर किए गए प्रयास ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाते हैं : अमरेश जैन

राज्य सचिव श्री अमरेश जैन ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम सीधे लोगों तक पहुंचते हैं और उन्हें वास्तविक लाभ प्रदान करते हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ सम्मान और आत्मीयता को भी प्राथमिकता दी गई है : डॉ. अर्चना यादव

सामाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य परीक्षण नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, स्नेह और अपनत्व प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों की भूमिका को सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार किए जाने चाहिए और यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न एनजीओ से आए विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को प्रेरित करने हेतु एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। विशेषज्ञों ने छात्रों को समाजसेवा के क्षेत्र में प्रभावी और सार्थक कार्य करने के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही, बुजुर्गों की देखभाल, सम्मान और सेवा कैसे की जानी चाहिए, इस विषय पर भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच कराई और डॉक्टरों से परामर्श लिया। उन्हें अपनी सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई, जिससे वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।

इस आयोजन में विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और शोधार्थियों के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफल और प्रभावी रहा।

कार्यक्रम में ज्येष्ठ नागरिक संघ बिलासपुर की सचिव डॉ. सत्यभामा अवस्थी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा श्री शुभांकर विश्वास (स्टेट हेड, हेल्प एज इंडिया), एडवोकेट दिव्या जायसवाल (कानूनी मार्गदर्शन केंद्र, बिलासपुर) और डॉ. दिनानाथ यादव (समाज कार्य विभाग, मैथ्स यूनिवर्सिटी, रायपुर) ने भी अपनी सहभागिता दी।

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