रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 19 मार्च । 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर 86 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे डीएड अभ्यर्थियों ने आज नवरात्रि पर मां शीतला न्याय कलश यात्रा निकाली, जिसे पुलिस ने धरना स्थल के गेट पर ही रोक दिया।
यह यात्रा तूता धरना स्थल से न्याय की मांग को लेकर निकाली जा रही थी, जिसे आगे बढ़ने से पहले ही रोक दिए जाने पर अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली।
यह यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने इसे जबरन रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की संवैधानिक मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।

वहीं डीएड अभ्यर्थी पिछले 86 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिक्षा विभाग न तो हाईकोर्ट और न ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कर रहा है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
हाथ में न कोई पोस्टर ना बैनर ख़ाली पैर कलश लेकर निकले अभ्यर्थियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया। पांच घंटों से कड़कती धूप में अभ्यर्थी खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। शासन-प्रशासन की इस कार्रवाई से आहत अभ्यर्थियों ने कहा कि ये आस्था से खिलवाड़ है।

इस कलश यात्रा में जशपुर, बलरामपुर, सुकमा, बस्तर, बीजापुर, कोरिया, नारायणपुर आदि जिलों से आए थे। हाथों में कलश, माथे पर तिलक, भक्ति भाव से मंत्रोच्चार करते हुए वे मां से बस इतनी मन्नत मांग रहे थे कि उनकी वर्षों की मेहनत और पढ़ाई का फल उन्हें मिले, उनके परिवारों का भविष्य संवरे। पुलिस बल की भारी तैनाती, बैरिकेडिंग और लाठी-डंडों की धमकी से कलश यात्रा को धरना स्थल के गेट पर ही रोक दिया गया।

