ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 23 मार्च।
आचार्य श्री रामेश व बेले बेले के तपस्वी उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा आदि ठाणा के दर्शन करने गये ब्यावर साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष गोतमचंद चौधरी महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल कोषाध्यक्ष निहाल चंद कोठारी सहमंत्री नोरतमल बाबेल व देशनोक, जयपुर, नोखामंडी श्रीसंघ से सैकड़ो श्रावक श्राविकाओ ने दर्शन लाभ लिया।
नोखा गांव के पास सलुण्डिया मे जम्मेश्वर मंदिर के प्रांगण मे उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा ने सभी को को कहा हमे सामुहिक परिवार मे एकता बनाये रखनी चाहिए फैमेली मे जीरो मनमुटाव भी नही होना चाहिए, पेतृक सम्पत्ति मे झगडा नही करे झगडे की वजह से बटवारा नही हो।

म सा ने कहा बच्चो मे ऐसी विचारधारा सिखाए न किसी तरह का दहेज ले लडका हो लडकी। आज मां बाप को मालुम नही होता बेटा बेटी क्या कर रहे खाना पिना साथ हो ताकि ऐकत्रित रहे विचारधारा एक बने यही संसार आगे से आगे चलता रहे।जो जहा है वैसा हे उसी मे संतोष रखे।
उपाध्याय श्री ने कहा व्यापार मे कभी भी क्रीमनल सेठ नही बने,न फ्रोड करके व्यापार करना चाहिए न किसी की ई डी आई डी मे शिकायत करनी चाहिए जो भी व्यापार करे तो लीगल ही करें,लोग क्या कहते उस पर ध्यान मत दो। किसी के साथ धोका धडी करें।
अध्यक्ष ने बताया ब्यावर के नव दीवक्षित संत श्रीरामानंद मुनि जी म सा (आयुष कोठारी )बताया धम्म मंगलम मुस्तपम यानि धर्म ही उत्कर्ष है हींसा पांचो इन्द्रियो से होती ने हींसा का नाम अहिंसा नही हो सकता।
महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल ने बताया ब्यावर के नवदीदोक्षित श्री रामाशीष मुनि जी म सा ने (अनिश कांठेड)बताया उतराध्ययन सुत्र का अध्यन करे व जीवन मे सयंम के अलावा कुछ नही सयंम ही जीवन है।
सहमंत्री नोरतमल बाबेल ने कहा गंगाशहर भीनासर मे ब्यावर के लाल श्री रामनन्दन मुनि जी म सा पोखरणा वाले निरंतर प्रवचन फरमा रहे हैं। दो दिन मे आचार्य भगवन श्री रामेश सहित इकतालिस संत आदि ठाणा व पच्चीस के लगभग सतियो के दर्शन लाभ लिया गया।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

