हमे कर्ता नही विकृता बनकर रहना होगा, कर्ता कर्म बांधता है विकृता तोडता हे- श्री छत्रांक मुनि जी

हमे कर्ता नही विकृता बनकर रहना होगा, कर्ता कर्म बांधता है विकृता तोडता हे- श्री छत्रांक मुनि जी

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 3 अप्रैल।

आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा की महती कृपा से शासन दीपक श्री छत्रांक मुनि जी म सा ने कहा हमे कृता और विकृति मे फर्क है हमे कर्ता नही विकृता बनकर रहना होगा, हमारी आत्मा कर्ता भी है विकृता भी है कर्ता कर्म बांधता विकृता तोडता है,उसी प्रकार भाग्य और पुरुषार्थ मे फर्क है किसी को भाग्य से ज्यादा मिल जाता किसी को पुरुषार्थ करने पर मिलता है। भाग्य से ज्यादा पुरुषार्थ पर जोड देवे।

म सा ने कहा कर्ता करने वाला नुकसान मे रहता है कर्म बांधता जाता विकृता तोडना जानता हे वह अपने कर्मो को तोड देता है इसलिए विकृता बनना चाहिए। भावो से दूर होने से ही हम विकृता को देख सकेंगे, विकृता को अपनाने से कर्म का मार्ग छूट जायेगा। जो चीज शुन्य से शुरु होती है तो शुन्य पर ही खत्म होती है।
म सा ने कहा सुखी होना है तो संसार की चीजो को छोडे वो चीजे कषाए, राग द्वेष उसे छोडना जरुरी है‌, व्यक्ति अठारह पापो को छोडने पर जीव हल्का बन जाता है जितना हल्के होगें उतना उपर उठेंगे, कृता खतरनाक होता है लोन का पैसा लेकर भाग जाता है ओर अपने कर्मो को जोडने मे लगा रहता है, सारे मोह छोडेगे तो सुखी बनेंगे वो ही विकृति होती है।


इससे पहले शासन दीपिका श्री विध्यावती जी म सा ने भजन से कहा सची रे सुरतीया सची हे मुरतीया तू सांचो थाडो सांचो हे दयबार रे.. म सा ने नवकार मंत्र के पांच पदो पर कहा सम्मेदशिखर जी पर अरिहंत देव विराज रहे हे दो करोड़ केवली इस धरती पर रह रहे है।


म सा ने नवकार का पहला डब्बा अरिहंत का होता है, दुसरा डब्बा सिद्ध भगवान का विराजमान होता है जिसमे अनन्त सिद्ध रह रहे हे, तीसरा डिब्बा आयारियाणं अर्थात आचार्य का है जो करीब 170 स्थानो पर धर्म की अराधना करी ओर आज 150 स्थानो पर आचार्य चलते जा रहे है जैसे रामगुरु आचार्य नानेश के शिष्य कहलाते है।


म सा ने कहा चौथा डब्बा उव्वझायाणं यानि उपाध्याय प्रवर का होता है जो ज्ञानी होते है उनकी बात सभी मानते हे पांचवा डब्बा णमो लोए सव्व साहुणं इस डब्बे मे हजारो साधु संत सतिया होती है उनको नमस्कार करने पर सभी पदो पर रहने वालो को नमस्कार हो जाता है। म सा ने कहा नवकार मंत्र अनादिकाल से चला आ रहा है और अनादिकाल तक चलता रहेगा।


अध्यक्ष गोतम चौधरी व महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल ने बताया आने वाली नो अप्रेल को पूरे विश्व मे एक साथ एक समय नवकार मंत्र का जाप होगा ब्यावर मे जवाहर भवन मे होगा। आप सभी विश्व शांति के लिए नवकार दिवस पर सपरिवार जवाहर भवन पधारे।


संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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