श्री श्रुतप्रभ जी ने बताया महापुरुषों की साधना चंदन के समान शीतलता  प्रदान करती है

श्री श्रुतप्रभ जी ने बताया महापुरुषों की साधना चंदन के समान शीतलता प्रदान करती है


ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 14 मई। समता भवन मे आज आचार्य श्री रामेश के शिष्य शासन दीपक श्री श्रुतप्रभ जी म सा ने बताया मन वचन मे शीतलता कैसे बने इसका सदैव चिंतन करे मिथ्या दृष्टि से सम्यक दृष्टि कैसे बने यह सब जिनवाणी सुनकर आत्मनिर्जरा करने से होगा,जिनवाणी सुनने से व्यक्ति की एकाग्रता बुद्धि बढती जाती है।
म सा ने कहा पहले के समय मे लोगो की ऐकाग्रता होती थी इसलिए सुनने से सब याद रह जाता था जैसे गोतम स्वामी चार ज्ञान के धनी थे फिर भी जिज्ञासा होने से भगवान महावीर से प्रश्न पूछते रहते है यह सब याद हो जाता और वह जिनवाणी के रुप मे हमे सुनने को मिल रही हैं।
म सा ने कहा जिस प्रकार चंदन की सुगंध हमे शीतलता देता है उसके पेड़ के आसपास के सारा वातावरण शीतलता में हो जाता है। उसी प्रकार भगवान महावीर की साधना चंदन के समान है जो आज तक हमे शीतलता प्रदान आचार्य रामेश द्वारा प्राप्त हो रही हैं।
म सा ने कहा रोज सुबह शाम शुद्ध भावो से प्रतिक्रमण करने से दिन भर मे किये पापो की आलोचना हो जाती है, सब कर्म क्षय हो जाते है।महापुरुष बनावटी काम नही करते आपके ब्यावर के ही शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म.सा का आगमन हो गया वह इनकी खुशबू से पता चल जाता है आप सब इनकी साधना स्वाध्याय की खुशबू लेते रहै।


इससे पहले श्री रामदश मुनि जी म सा ने बताया राम गुरु के शासन मे अपने बच्चों को दीक्षा दिलाने पर उनके हजारों माता पिता बन जाते है हमारी पुण्यवाणी है जो हमे राम गुरु का शासन मिला जिसमे कई वीर माता पिता ने अपने छोटे छोटे बच्चो को राम गुरु को सौप दिया वही बच्चे आज रामगुरु की अंगुली पकड कर शासन की शोभा बढाने मे लग गये।


म सा ने कहा भगवान महावीर का शासन इकतीस हजार वर्ष तक चलेगा यह शासन आज वीर माता पिता की वजह चल रहा है।

आज व्यक्ति अपने आप को स्मार्ट बनाने मे लगा है, एक सफेद बाल आते ही संन्यास ले लेते थे आज काला करके स्मार्ट दिखाने मे लगे है, एक दिन छोटा सा संवर नही कर सकते मोक्ष की इच्छा रख लेते है।हमारी दौड सुख की अभिलाषा की ओर होती जा रही जो क्षणिक मात्र का सुख है।


महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल ने बताया ब्यावर के पचास किलोमीटर तक विहार सेवा देने वाले सयोंजक महेन्द्र लोढा, पंकज औस्तवाल, सुधीर डेढिया, महावीर बाबेल, मंयक खीचा, गोतम चंद श्रीश्रीमाल हैप्पी औस्तवाल आदि ने आगे जाकर सुंदर व्यवस्था करने का साधुमार्गी जैन संघ की तीनो इकाईयो की तरफ उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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