राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 16 मई। भू-जल स्तर बढ़ाने एंव वर्षा का पानी भूमि में जाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ससक्त माध्यम है। अतः वर्तमान परिस्थितियों में भू-जल संकट तथा आने वाले भविष्य में पानी की समस्या को ध्यान में रखकर भू-जल को सवंर्धन करने की दिशा में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया जाना अतिआवश्यक है।
इस संबंध में निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि आज शहर एवं गांव मंे तेजी से विकास हो रहा है, भवनो व कालोनियो के विस्तार के कारण पेड़ो की कटाई एवं सीमेंट कांक्रिटिंग रोड निर्माण होने से जमीन के अंदर पानी नही पहुॅच पाता, जिससे भू-गर्भ में जल की कमी हो गयी है,
जिससे नदी तालाब, कुॅआ, हैण्ड पंप का जल स्तर कम हो रहा है, जिस कारण पानी की किल्लत बढते जा रही है। भू-गर्भ मे जल स्तर बढ़ाने घरो व भवनो में रेन वाटर हावेस्टिंग अनिवार्य रूप से लगानी चाहिए।
प्रायः यह देखा जा रहा है कि भवन निर्माण के लिए नगर निगम से भवन अनुज्ञा तो प्रदान कर ली जाती है किन्तु भवन पूर्ण होने पर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने तथा भवन पूर्ण होने की सूचना नहीं दी जाती है, जिससे यह सुनिश्चित नहीं हो पाता कि भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्मित है अथवा नहीं है।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि उक्त प्रावधानानुसार तथा भवन अनुज्ञा के शर्तों के तहत् नगर पालिक निगम, राजनांदगांव द्वारा भवन अनुज्ञाधारी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण की सूचना देकर भवन पूर्णता सह अधिभोग प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्रस्तुत कर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने 454 भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया था तथा जिन लोगों के भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण की अनिवार्यता है और उनके द्वारा आज पर्यन्त तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण नहीं किया गया।
उन भवनों में भवन निर्माण अनुज्ञा प्रकरणों में जमा रेन वाटर हार्वेस्टिंग अमानत राशि का उपयोग करते हुए नगर निगम द्वारा ई.आई.ओ. जारी कर 02 निजी एजेंसी मेसर्स एल.एस. कन्ट्रक्शन एवं मेसर्स मां बम्लेश्वरी को कार्यदेश जारी कर एजेसंी के माध्यम से निर्माण कराया गया, इन एजेंसी द्वारा 81 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, अब तक नगर निगम द्वारा भवन अनुज्ञा प्रकरणों के जमा राशि के उपयोग से 831 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया गया है।

