डोंगरगढ़(अमर छत्तीसगढ़) विकासखंड के ग्राम पलांदूर में आयोजित भाजपा सरकार के तथाकथित सुशासन तिहार शिविर में ही सरपंच पर चाकू से हमला हो गया। इससे पहले एक पटवारी द्वारा किसान के साथ गाली-गलौच किए जाने से माहौल तनावपूर्ण हो चुका था।
जिस कार्यक्रम को सरकार सुशासन का प्रतीक बताकर प्रचारित कर रही है, उसी मंच पर कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ना बेहद शर्मनाक है। यह घटना साफ बताती है कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार की कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।
जब सरकारी शिविरों में ही जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं हैं, किसान अपमानित हो रहे हैं और प्रशासन स्थिति संभालने में असफल है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

भाजपा सरकार को सुशासन के नाम पर हो रही इस नौटंकी को बंद कर जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी रोकनी चाहिए। प्रदेश की जनता अब दिखावे नहीं, जवाब चाहती है।

