ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 24 मई।
श्रद्धेय श्री सुमति मुनि जी म.सा.ने निरंतर चल रहे प्रवचन में आज चौथ भवन में फरमाया कि धर्म के नियमों को याद करने से जीवन अमृतमय हो जाता है।
संसारी के लिए जो पाप का स्थान है, साधक के लिए वही स्थान कर्म निर्जरा का है।
यदि हमारे ध्यान में, भाव में सदैव साधु भगवंत व उनकी साधुचर्या रहनी चाहिए और नहीं रहती है, तो उन्हें ध्यान में लाओ।
धर्म केवल तब तक सीमित नहीं है जब तक हम एक घंटे, दो घंटे या तीन घंटे सामायिक में बैठे हैं। धर्म तो हर समय, हर क्षण हमारे साथ रहना चाहिए। चाहे हम चल रहे हों, खा रहे हों, पी रहे हों, सुन रहे हों या सो रहे हों — हर समय धर्म हमारे भावों में जीवित रहना चाहिए।

उदाहरणतः एक श्रावक जी को होटल में बैठते ही साधु भगवंत व साधुचर्या याद आ गई। नहाते समय साधु जी व साधुचर्या याद आई और वे अनावश्यक जीवों की विराधना से बच गए।
दर्पण के आगे, वस्त्रों का चयन करते समय, वस्त्रों से स्वयं की शोभा मानते समय, अनावश्यक बातों व चर्चाओं के समय यदि स्मृति पलटकर साधु जी व साधुचर्या को लेकर आए, तो हम पापों में मुग्ध न होकर अंदर सत्य के पास आ जाएँ।
म.सा. ने फरमाया —
“लौट आओ, बाहर से भीतर में लौट आओ।”
अर्थात हम किसी भी स्थान पर हों, अपने भावों को भीतर की ओर मोड़कर स्वयं के समीप आ सकते हैं।हमारा सम्मान हमारे पहने हुए कपड़ों की Brand या हमारी गाड़ी से नहीं होना चाहिए।
हम अपने गुणों से पहचाने जाने चाहिए।

नव दिवसीय जयमल जैन संस्कार शिविर 2026 समापन संदेश
नौ दिवसीय जयमल जैन संस्कार शिविर का यह पावन आयोजन आज सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। इन नौ दिनों में बच्चों एवं युवाओं ने धर्म, संस्कार, संयम, जीवदया, गुरु भक्ति एवं आत्मकल्याण के अनेक प्रेरणादायी सूत्रों को आत्मसात किया।
यह शिविर केवल कुछ दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला आध्यात्मिक संस्कार है। यहाँ प्राप्त शिक्षाएँ तभी सार्थक होंगी जब हम उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाएँगे।
इस सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी बच्चों, अभिभावकों, महिला मंडल, बहू मंडल एवं समस्त कार्यकर्ताओं का हम हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हैं। आप सभी के सहयोग, सेवा एवं समर्पण से यह शिविर अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बन पाया।

आइए, हम सभी यह संकल्प लें कि धर्म, संस्कार एवं सदाचार की ज्योति को अपने जीवन में सदैव प्रज्वलित रखेंगे तथा समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
कार्यक्रम के अंत में महिला मंडल में अध्यक्ष एवं मंत्री का बहुमान किया, शिविर में सहयोग देने वाले कार्यकर्ताओं का भी अभिनंदन किया गया। शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का भी अभिनंदन किया गया। तिलोक सेन एवं हवाई सुमित की सेवा भी सराहनीय रही।
अध्यक्ष प्रदीप बोहरा एंव मंत्री दुलीचंद मकाणा ने महिला मंडल एवं बहू मंडल एवं सभी संघ सदस्यों का आभार व्यक्त किया
मंत्री
दुलीचंद मकाणा
9828051612

