सजा का ऐलान : नाबालिग से दुष्कर्म के 3 अलग-अलग मामलों में आरोपियों को 20-20 साल की सख्त सजा

सजा का ऐलान : नाबालिग से दुष्कर्म के 3 अलग-अलग मामलों में आरोपियों को 20-20 साल की सख्त सजा

धमतरी(अमर छत्तीसगढ़) 27 मई । महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति पर काम कर रही धमतरी पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाया है और उन्हें 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 3,000-3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते पीड़ितों को यह त्वरित न्याय मिल सका है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने तीनों विवेचना अधिकारियों को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

इन तीन मामलों में कोर्ट ने सुनाया फैसला

  1. थाना अर्जुनी प्रकरण: अपराध क्रमांक 113/2025 (BNS एवं पॉक्सो एक्ट) के तहत आरोपी तोरण लाल जोशी (उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम दोनर) को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
  2. थाना भखारा प्रकरण: अपराध क्रमांक 87/2025 के तहत आरोपी सागर उर्फ करण साहू (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम गुहेली, जिला बेमेतरा) को कोर्ट ने दोषी पाते हुए 20 वर्ष की सश्रम जेल की सजा दी।
  3. थाना सिहावा प्रकरण: अपराध क्रमांक 46/2025 के मामले में आरोपी नरेंद्र कुमार मंडावी (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम भंडारवाड़ी) को दोषसिद्ध पाते हुए अदालत ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया।

धमतरी पुलिस के अनुसार, इस साल (2026) में महिला एवं बाल अपराधों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा रहा है। इन 3 मामलों से पहले भी वर्ष 2026 में पॉक्सो एक्ट के 6 अन्य मामलों (सिटी कोतवाली के 2, बिरेझर के 1, सिहावा के 1 और मगरलोड के 2) में आरोपियों को 20-20 वर्ष की कठोर सजा दिलाई जा चुकी है। अब तक कुल 9 मामलों में सख्त फैसले आ चुके हैं।

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