SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीएस सिंहदेव को आपत्ति : बोले- पात्र मतदाताओं का हट सकता है नाम, लोकतंत्र होगा कमजोर

SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीएस सिंहदेव को आपत्ति : बोले- पात्र मतदाताओं का हट सकता है नाम, लोकतंत्र होगा कमजोर

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 28 मई । स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को वैध ठहराए जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने इस फैसले और प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। उन्होंने SIR को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर आम नागरिकों के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे लोकतंत्र कमजोर होगा।

उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार देता है और किसी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है। श्री सिंहदेव ने यह भी कहा कि यदि बड़ी संख्या में लोगों के नाम सूची से हटते हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना आवश्यक है तथा चुनाव आयोग को इसके लिए विशेष पुनरीक्षण कराने का अधिकार है। फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं।

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