दुर्ग(अमर छत्तीसगढ़) 31 मई । किशोरी को बहला फुसलाते हुए भगा कर ले जाने के बाद उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा दी है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एफटीसी अनीश दुबे की कोर्ट ने आरोपी अंशु दास मानिकपुरी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास, 1000 रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड न दे पाने पर 1 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 87 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास, 500 रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष रूप वर्षा लोक अभियोजक दिल्लीवार में पैरवी की थी।
आरोपी अंशु दास मानिकपुरी निवासी आदर्श नगर कैंप एक भिलाई की जान पहचान 15 वर्ष 6 माह आयु की किशोरी के साथ थी । जान पहचान बढ़ने पर आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसला कर शादी का प्रलोभन देते हुए 25 अगस्त 2024 की रात को अपने साथ भाग कर ले गया, और उसे 10 नवंबर 2024 तक अपने साथ ग्राम छतौना चकरभाटा बिलासपुर स्थित अपने घर में ले जाकर रखा। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाया। जब किशोरी घर से लापता हुई तब उसकी मां छावनी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी।

