राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ़) 5 जुन। “यथा नाम तथा गुण”
स्कूली शिक्षा में भी शुरू से मेधावी विभूति बाफना ने पहले ही प्रयास में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर में प्रवेश पा लिया था तथा बाद में अपग्रेड होकर उसे राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर में दाखिला मिल गया।
परिवार में तीसरी पीढ़ी डॉक्टर के रूप में विभूति हर वर्ष महाविद्यालय की प्रावीण्य सूची में रही और अभी MBBS चतुर्थ वर्ष के परिणाम में भी उसने अच्छे अंक प्राप्त करते हुए स्त्री रोग विषय में श्रेष्ठतम अंक हासिल करते हुए स्वर्ण पदक पर अपना अधिकार बनाया।
उल्लेखनीय है कि विभूति बाफना प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ पुखराज बाफना ,तारा बाफना की ज्येष्ठ पौत्री और डॉ नवीन, दीपाली बाफना की पुत्री है, अभी अपने दादा की बहुप्रतीक्षित मेडिसिन की पॉकेट किताब के संयोजन , लेखन और प्रकाशन में उनका साथ दे रही है,जो कि मेडिकल ,डेंटल छात्रों के अलावा जनरल प्रैक्टिशनर्स के लिए सदुपयोगी सिद्ध होगी।
आज से तीन वर्ष पूर्व विभूति बाफना द्वारा परजीवी(parasitology)पर लिखी एक कविता भी ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध इंटरनेशनल पत्रिका The Australian journal of Parasitology में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।

