नन्ही आन्वी जैन ने किया दिव्य शांतिधारा का वाचन, अक्षत राजबीर जैन को मिला शांतिधारा का सौभाग्य

नन्ही आन्वी जैन ने किया दिव्य शांतिधारा का वाचन, अक्षत राजबीर जैन को मिला शांतिधारा का सौभाग्य

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 5 जुन । मालवीय रोड स्थित ऐतिहासिक श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में आयोजित 10 दिवसीय ‘ग्रीष्मकालीन श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर’ अपने तीसरे दिन सफलता के नए कीर्तिमान रचते हुए आगे बढ़ा।

संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से आयोजित इस शिविर के तीसरे दिन मंदिर जी का प्रांगण नन्हे शिविरार्थियों की ऐतिहासिक भीड़ से गुंजायमान हो उठा। बच्चों में धर्म के प्रति ऐसा अनुराग देखकर पूरा जैन समाज आनंदित है।

शिविर के तृतीय दिवस पर सुबह की शुरुआत भक्तिमय माहौल में देव-शास्त्र-गुरु के पूजन के साथ हुई। आज का विशेष आकर्षण बच्चों की अगाध श्रद्धा रही, जब मंदिर जी में अभिषेक के उपरांत विश्व-शांतिधारा का मंगल आयोजन हुआ।

आज की पावन शांतिधारा का वाचन नन्ही बालिका आन्वी जैन ने अत्यंत शुद्ध और सुमधुर सुरों में किया, जिसे सुनकर पूरा प्रांगण भक्तिमय हो गया। वहीं, देव-शास्त्र-गुरु के सानिध्य में आज की शांतिधारा करने का परम सौभाग्य अक्षत राजबीर जैन परिवार को प्राप्त हुआ। उपस्थित समाज जनों ने इस नन्हे बालक और परिवार की धर्म-भावना की सराहना की।

अध्ययन सत्र में सांगानेर (जयपुर) से आए प्रतिष्ठित विद्वान अभिषेक जैन शास्त्री “आयांश”, विद्वान शरद जैन शास्त्री एवं रायपुर के विद्वान सौरभ जैन शास्त्री के कुशल मार्गदर्शन में कक्षाओं का संचालन हुआ। आज बच्चों को ‘बाल बोध भाग-3’ के अत्यंत सूक्ष्म, गूढ़ और महत्वपूर्ण भागों का गहराई से अध्ययन कराया गया।

बच्चों ने न केवल पाठशाला में एकाग्रता से ध्यान लगाया, बल्कि पूरे मन से देव-शास्त्र-गुरु की पूजन-आरती, वंदना और अन्य आवश्यक धार्मिक क्रियाओं को व्यावहारिक रूप से सीखा और आत्मसात किया।

स्मार्टफोन छोड़ धर्म की सात्विक दुनिया में रमे बच्चे
शिविर के आयोजकों ने बताया कि आज के इस आधुनिक युग में जहाँ बच्चे स्मार्टफोन की आभासी दुनिया में खोए रहते हैं, वहीं इस शिविर के माध्यम से हमारे बच्चे मोबाइल की लत छोड़कर धर्म की सात्विक दुनिया और शास्त्र ज्ञान में रम रहे हैं। यह अद्भुत दृश्य हर माता-पिता के लिए गौरव का क्षण है। प्रतिदिन की तरह आज भी सभी उत्साही बच्चों के लिए संस्था द्वारा शुद्ध व सात्विक स्वल्पाहार (नाश्ते) की सुंदर व्यवस्था की गई।

ट्रस्ट की भावपूर्ण अपील
श्री दिगम्बर जैन पंचायत ट्रस्ट (कार्य समिति) एवं आदिनाथ विद्या धार्मिक पाठशाला, मालवीय रोड मंदिर के पदाधिकारियों ने समाज के सभी पिताओं और माताओं से अपील की है कि बचपन में बोए गए संस्कार ही जीवन भर चरित्र की रक्षा करते हैं। यदि किसी के बच्चे अभी भी इस पावन अवसर से दूर हैं, तो वे कल सुबह 7 बजे उन्हें मालवीय रोड जैन मंदिर अवश्य भेजें और सपरिवार धर्म लाभ लें।

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