रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 7 जुन । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर संभाग के जिलों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और इस व्यवस्था की निगरानी संबंधित जिलों के कलेक्टर स्वयं करें।
रियाबंद जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव पहुंचकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग तथा उनके लाभों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम और उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है। बैठक में अवैध रेत खनन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाते हुए जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया। समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाने के साथ-साथ पात्र लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है।
स्कूल शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सीखने के स्तर में सुधार और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाई जाए। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

