राजनांदगाँव(अमर छत्तीसगढ़) 14 जून। युगांतर पब्लिक स्कूल में शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला “द हार्ट ऑफ टीचिंग – कनेक्शन बिफोर करेक्शन” का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला आठ घंटे तक शिक्षाविद, उद्यमी एवं लेखक आदेश वर्मा तथा एनएलपी कोच एवं एनबीआई होल ब्रेन थिंकिंग ट्रेनर दीप्ति बिंदल द्वारा प्रभावी रूपों में संचालित हुई, जिसमें 65 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज की।
शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम (Social Emotional Learning) को व्यावहारिक धरातल पर लागू करना, विद्यार्थियों के व्यवहार को समझना, कक्षा में सकारात्मक एवं सुरक्षित वातावरण निर्माण करना सीखा।
यही नहीं उन्होंने रिस्टोरेटिव प्रैक्टिसेज़ से संबंधित विषयों पर सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ संचालित करना, चिन्तन सत्र में विविध जटिल समस्याओं पर समूह में चर्चाएँ करना और उनका उचित समाधान खोजना, रोल प्लेय द्वारा केस स्टडी करना भी सीखा। उन्होंने अनुभव से परिपूर्ण खेलों और टीम बिल्डिंग अभ्यासों के द्वारा सीखने का अवसर भी प्राप्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रभावी शिक्षण केवल विषय ज्ञान तक सीमित न हो, बल्कि वह विद्यार्थियों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध, भावनात्मक सुरक्षा, अपनत्व की भावना और सकारात्मक संवाद स्थापित करने पर भी आधारित हो।इस प्रकिया द्वारा ही वास्तविक अधिगम प्राप्त किया जा सकेगा।
कार्यशाला में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अनेक रोचक गतिविधियों के माध्यम से यह भी अनुभव किया कि जब कक्षा में बच्चे स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित समझते हैं, तब वे किसी भी विषय का ज्ञान आसानी से प्राप्त करते हैं।
कार्यशाला की शुरूआत में प्राचार्य मधुसूदन नायर ने दोनों विशेषज्ञों का परिचय कराया। उन्होंने आगे बताया कि किसी भी कार्यशाला की सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब उसके बताए हुए सिद्धांतों को हम व्यावहारिक धरातल पर कक्षाओं में अपनाएँगे।
उन्होंने इन बातों को कक्षाओं में लागू करने पर जोर दिया। कार्यशाला की समाप्ति इस संदेश के साथ हुई कि शिक्षण का वास्तविक हृदय संबंधों में बसता है, क्योंकि सुधार से पहले जुड़ाव आवश्यक है।
कार्यशाला की समाप्ति के पूर्व इसका फीडबैक देते हुए हेड मिस्ट्रेस विनीता तिलवानी, वाणिज्य विभागाध्यक्ष तरूण कुमार महापात्र, शिक्षक राजेन्द्र तिवारी, बिकास प्रधान, अर्पण मसीह, मोनिका राय, सैमुअल जॉर्ज, श्वेता मूंदड़ा, राजेश चौबे सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इसे उपयोगी कार्यशाला बताया।

