बलौदाबाजार(अमर छत्तीसगढ़) 21 जुन । छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल इलाके में रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के एवज में महिला नायब तहसीलदार ने 50 हजार रिश्वत मांगी, तो किसान ने कीटनाशक पी लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कसडोल विधायक संदीप साहू ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि, अगर किसी अधिकारी ने अवैध वसूली की है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, अपने ऊपर लगे आरोपों को नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने खारिज कर दिया है। घटना कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली की है।
किसान कमल ओगरे के बेटे राज ओगरे ने बताया कि, शुक्रवार सुबह वह महानदी से रेत लेकर ट्रैक्टर से लौट रहा था। इसी दौरान नायब तहसीलदार ने गाड़ी को रोककर कार्रवाई की। राज का आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे गए। पैसे नहीं देने पर ट्रैक्टर को कसडोल थाने में खड़ा करवा दिया गया।
राज ओगरे का कहना है कि, उसके साथ दो और ट्रैक्टर भी पकड़े गए थे, लेकिन पैसे लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जबकि उसका ट्रैक्टर जब्त रखा गया। क्योंकि उसने पैसे नहीं दिए। मेरे फोन पर बात करने पर धमकाया भी। पिता को मामले की जानकारी दी, तो वो मौके पर पहुंचे। 10 बजे टैक्टर नहीं छोड़ने पर किसान ने कीटनाशक पी लिया।
परिजनों के मुताबिक, कमल ओगरे पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ट्रैक्टर जब्त होने और रिश्वत की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण वे मानसिक तनाव में आ गए। इसी तनाव के चलते उन्होंने खेत में छिड़कने वाला कीटनाशन पी लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल में भर्ती कराया गया।
इस मामले में सीएचसी कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने बताया कि, समय पर इलाज मिलने से किसान की जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।

