मातृ हत्याकांड में न्याय : कोर्ट ने दोषी बेटे को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

मातृ हत्याकांड में न्याय : कोर्ट ने दोषी बेटे को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

सक्ती(अमर छत्तीसगढ़) 24 जुन । छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में अपनी ही मां की हत्या के मामले में दोषी पाए गए युवक को प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे 6 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह निर्णय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने 24 जून 2026 को सुनाया।

यह मामला थाना डभरा क्षेत्र के ग्राम रेड़ा का है। पुलिस के अनुसार, 29 मई 2025 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक युवक ने अपनी मां की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि 45 वर्षीय लक्ष्मीन बाई कुर्रे की हत्या उनके पुत्र डमरूधर कुर्रे ने ईंट से हमला कर की थी।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी शिवकुमार वारेन ने बताया कि दोपहर के समय मां-बेटे के बीच विवाद हो रहा था। शोर सुनकर बाहर आने पर उन्होंने आरोपी को अपनी मां के साथ मारपीट करते देखा। कुछ समय बाद महिला घर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें थीं। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस ने मौके से खून से सनी ईंटों के टुकड़े, मिट्टी, चप्पल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। आरोपी के घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए। विवेचना के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य एकत्र कर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही को आधार मानते हुए न्यायालय ने आरोपी डमरूधर कुर्रे को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास के साथ आर्थिक दंड से दंडित किया।

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