नकटी में बुलडोजर पर सियासत : दीपक बैज बोले- गरीबों को उजाड़कर विधायक कॉलोनी बनाना अन्याय

नकटी में बुलडोजर पर सियासत : दीपक बैज बोले- गरीबों को उजाड़कर विधायक कॉलोनी बनाना अन्याय

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 1 जुलाई । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित नकटी गांव में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 जून को प्रशासन ने गांव में वर्षों से रह रहे लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बारिश के पहले बेघर कर दिया।

दीपक बैज ने कहा कि नकटी गांव में कई परिवार 20 से 40 वर्षों से निवास कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना घरों को तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान 85 प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास भी ध्वस्त कर दिए गए। बैज ने कहा कि ग्रामीण अपने मकान बचाने के लिए रोते-बिलखते रहे, लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी।

पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए गरीबों के घर तोड़े गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया रायपुर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, तो वहां कॉलोनी बनाने के बजाय गरीबों को उजाड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुनर्वास से पहले प्रभावित लोगों से कोई संवाद नहीं किया।

बैज ने पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि 25 सदस्यीय परिवारों को एक कमरे का मकान दिया जा रहा है, जो पूरी तरह अव्यवहारिक है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उनके अनुसार, पुनर्वास के तहत दिए गए मकानों में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि उन मकानों की कीमत साढ़े पांच लाख से लेकर साढ़े आठ लाख रुपये बताई जा रही है। उन्होंने पूछा कि इसका भुगतान कौन करेगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नकटी गांव की कार्रवाई से पूरे प्रदेश में भय का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि किसी गरीब का घर तोड़कर विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाना कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। बैज ने बताया कि कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि गरीबों का आवास तोड़कर उन्हें अपना आशियाना नहीं चाहिए। उन्होंने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे ऐसे आवास स्वीकार न करें।

उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बच्चों की साइकिलें, पढ़ाई की किताबें और घरेलू सामान भी मलबे में दब गए। साथ ही भाजपा के सांसदों और विधायकों पर लोगों को यह भरोसा दिलाकर गुमराह करने का आरोप लगाया कि उनके घर नहीं टूटेंगे।

कांग्रेस ने मांग की है कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उनसे सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, उचित मुआवजा दे और उसी स्थान पर नया आवास बनाकर उपलब्ध कराए। बैज ने यह भी आरोप लगाया कि नकटी गांव में कुछ उद्योगपतियों और सरकार के करीबी लोगों की जमीन है, जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए यह परियोजना लाई जा रही है। उन्होंने सरकार से पूरे क्षेत्र का सीमांकन सार्वजनिक करने की मांग की।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और आगामी विधानसभा मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।

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