भिलाई(अमर छत्तीसगढ़) 5 जुलाई भारतीय लोक कला में असाधारण योगदान , छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण तीजन बाई का भिलाई के उनके गृहग्राम गनियारी में अंतिम संस्कार कार्यक्रम में राजयोगिनी आशा दीदी हुई सम्मिलित।
आशा दीदीजी द्वारा उनके और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में शांति और शक्ति के साथ पद्म विभूषण तीजन बाई जी की आत्मा को मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

ज्ञात हो कि मुख्यालय आबुराज पर्वत मधुबन से राजयोगिनी ऊषा दीदी जी एवं राजयोगिनी आशा दीदी जी द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में पद्म विभूषण तीजन बाई जी को महाभारत की कथाओं को अपनी प्रभावशाली अभिनय अनोखी शैली से पंडवानी को देश ही नहीं दुनियां के विभिन्न देशों में छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रौशन करने के उपलक्ष्य में सम्मानित किया गया।

