रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 5 जुलाई। श्री प्रियदर्शी महाराज (टिंकू मसा) के वाहन दुर्घटना के पश्चात उपचार के दौरान कालधर्म पधारने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
गुरुदेव का संयममय जीवन, तप, त्याग, करुणा और धर्मप्रभावना सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। उनका देह-वियोग सकल जैन समाज की अपूरणीय क्षति है।
“गुरु का शरीर भले ही पंचतत्त्व में विलीन हो जाए,
किन्तु उनके उपदेश और संस्कार युगों-युगों तक अमर रहते हैं।”
परम पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में अश्रुपूरित भावभीनी श्रद्धांजलि।
प्रभु से प्रार्थना है कि हम सभी उनके बताए संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति प्राप्त करें। उक्त जानकारी विजय संचेती ने दी।

