“कोरकोट्टी” का मोहला में हुआ विमोचन… अविभाजित राजनांदगाँव जिले के मानपुर के कोरकोट्टी में हुई नक्सल घटना पर पत्रकार अतुल श्रीवास्तव ने लिखी है किताब

“कोरकोट्टी” का मोहला में हुआ विमोचन… अविभाजित राजनांदगाँव जिले के मानपुर के कोरकोट्टी में हुई नक्सल घटना पर पत्रकार अतुल श्रीवास्तव ने लिखी है किताब

राजनांदगाँव(अमर छत्तीसगढ़) 13 जुलाई । मानपुर क्षेत्र के कोरकोट्टी गाँव में हुई नक्सल घटना पर पत्रकार अतुल श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई किताब “कोरकोट्टी” का जिला मुख्यालय मोहला में विमोचन किया गया। राजनांदगाँव के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे सहित 29 जवानों की शहादत की 17वीं बरसी पर मोहला के पुलिस लाईन में अमर जवान स्तंभ के पास पुस्तक का विमोचन किया गया।


मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, कलेक्टर तूलिका प्रजापति और पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में रविवार 12 जुलाई 2026 की सुबह 9 बजे शहीदों को श्रद्धांजलि का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहीद जवानों की नाम पट्टिका और उनकी तस्वीरों के समक्ष सभी ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


12 जुलाई 2009 को मानपुर क्षेत्र के कोरकोट्टी में राजनांदगाँव के तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे के साथ निरीक्षक विनोद ध्रुव, उप निरीक्षक धनेश साहू, उप निरीक्षक कोमल साहू, प्रधान आरक्षक गीता भंडारी, प्रधान आरक्षक संजय यादव, प्रधान आरक्षक जखरियस खलखो, आरक्षक रजनीकांत, आरक्षक लालबहादुर नाग, आरक्षक निकेश यादव, आरक्षक वेदप्रकाश यादव, आरक्षक श्‍यामलाल भोई, आरक्षक बेदूराम सूर्यवंशी, आरक्षक लोकेश छेदैया, आरक्षक अजय भारव्‍दाज, आरक्षक सुभाष बेहरा, आरक्षक रितेश देशमुख, आरक्षक मनोज वर्मा, आरक्षक अमित नायक, आरक्षक टिकेश्‍वर देखमुख, आरक्षक मिथलेश साहू, आरक्षक प्रकाश वर्मा, आरक्षक सूर्यपाल वट्टी, आरक्षक झाडूराम वर्मा, आरक्षक संतराम साहू और सातवीं वाहिनी सीएएफ भिलाई के दो प्रधान आरक्षक दुष्‍यंत राठौर और सुंदरलाल चौधरी भी शहीद हो गए थे।


कोरकोट्टी की घटना पर राजनांदगाँव के पत्रकार अतुल श्रीवास्तव ने “कोरकोट्टी” नाम से किताब लिखी है। चूंकि शहीदों के परिजन राजनांदगाँव जिला मुख्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए थे, ऐसे में मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के जिला मुख्यालय मोहला में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, कलेक्टर तूलिका प्रजापति और पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में आयोजित शहीदों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद किताब “कोरकोट्टी” का विमोचन किया गया।


“कोरकोट्टी” के विमोचन के बाद मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने किताब की सराहना की और कहा कि मानपुर क्षेत्र में हुई नक्सल घटना पर लिखी गई यह किताब पठनीय है। उन्होंने कहा कि लेखक को और मेहनत कर किताब में छूट गए शहीदों के परिजनों से बात कर उनके विषय को भी शामिल कर किताब का अगला संस्करण निकालना चाहिए।

पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने कहा कि उनके राजनांदगाँव में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स रहने के दौरान से इस किताब के लेखक से करीबी संबंध रहे हैं और उन्होंने इस किताब के लेखन के लिए काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि मानपुर क्षेत्र के साथ ही राजनांदगाँव और छत्तीसगढ़ के हर पाठक को इस किताब को पढ़ना चाहिए।


मोहला में किताब के विमोचन के बाद किताब के लेखक अतुल ने मानपुर जाकर वहाँ बाजार चौक में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भी शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद लेखक ने कोरकोट्टी गाँव का भी भ्रमण किया, जहाँ वह हृदयविदारक घटना घटित हुई थी।

कोरकोट्टी का वह स्कूल अभी भी वैसे ही है, जिसकी कुछ दूरी पर घटना घटित हुई थी। हालाँकि 2009 में जब घटना हुई थी, तब मानपुर से कोरकोट्टी और उसके आगे की सड़क पतली थी, लेकिन अब इस सड़क का कायाकल्प हो गया है और यहाँ कई पेड़ काटकर सिक्स लेन सड़क बना दी गई है। सिक्स लेन सड़क बनाने के लिए उन कई पेडो़ं को भी काट दिया गया, जिन पर घटना वाले दिन नक्सलियों द्वारा जवानों पर चलाई गई गोलियाँ लगीं थीं।


सुबह मोहला में किताब के विमोचन और फिर मानपुर व कोरकोट्टी के दौरे से लौटकर किताब “कोरकोट्टी” के लेखक ने शाम को राजनांदगाँव में मौजूद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की और उन्हें अपनी किताब भेंट की। किताब “कोरकोट्टी” की भूमिका डॉ. रमन सिंह ने ही लिखी है। किताब को सरसरी तौर पर देखने के बाद डॉ. रमन सिंह ने उसकी सराहना की और कहा कि यह किताब पठनीय है।


लेखक ने राजनांदगाँव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को भी किताब दी। उन्होंने पढ़कर प्रतिक्रिया देने की बात की। लेखक ने राजनांदगाँव के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ शहीद जवानों के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें किताब दी और सबने किताब को पसंद किया।

लेखक ने एक किताब राजनांदगाँव की कुलदेवी माता शीतला के चरणों में और एक किताब अपने आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त के चरणों में अर्पित किया।

लेखक अतुल श्रीवास्तव ने एक किताब अपने पिता प्रकाश श्रीवास्तव को भी भेंट की और उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद आई यह किताब उनके पुत्र का अब तक के लेखन का सबसे श्रेष्ठ प्रयास है। अब लेखक को इस किताब को राजनांदगाँव सहित प्रदेश के सभी शहीद परिवारों तक भिजवाने का काम करना है।

Chhattisgarh