धमतरी(अमर छत्तीसगढ़) 18 जुलाई । नाबालिग से दुष्कर्म एवं अपहरण के मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी) धमतरी की अदालत ने आरोपी कोमल लहरे (21), निवासी मोहदा (जिला दुर्ग) को पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अलग-अलग धाराओं के तहत अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला वर्ष 2024 में चौकी बिरेझर, थाना कुरूद में दर्ज हुआ था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर नाबालिग को सकुशल बरामद किया और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी अलग-अलग अवधि के कारावास और जुर्माने का आदेश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने इस मामले में प्रभावी विवेचना और सशक्त साक्ष्य संकलन के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि, महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में धमतरी पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति के तहत त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

