सुकमा में ग्रामसभा का बड़ा फैसला: बाहरी पादरियों के प्रवेश पर रोक, बिना अनुमति नहीं होगी प्रार्थना सभा

सुकमा में ग्रामसभा का बड़ा फैसला: बाहरी पादरियों के प्रवेश पर रोक, बिना अनुमति नहीं होगी प्रार्थना सभा

सुकमा(अमर छत्तीसगढ़) 19 जुलाई । ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए तय किया कि गांव में बाहरी पादरियों के प्रवेश पर रोक रहेगी तथा बिना ग्रामसभा की अनुमति किसी भी प्रकार की प्रार्थना सभा, चंगाई सभा या धार्मिक आयोजन नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में इन्हीं गतिविधियों के कारण गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हुआ था।

जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत इंजरम में पिछले कई दिनों से जमीन और धर्मांतरण को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार प्रशासन की पहल से शांत हो गया। बैठक में गांव में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।

फंदीगुड़ा में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए तय किया कि गांव में बाहरी पादरियों के प्रवेश पर रोक रहेगी तथा बिना ग्रामसभा की अनुमति किसी भी प्रकार की प्रार्थना सभा, चंगाई सभा या धार्मिक आयोजन नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि हाल के दिनों में इन्हीं गतिविधियों के कारण गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हुआ था, इसलिए भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया।

जिले के ग्राम पंचायत इंजरम के ग्राम फंदीगुड़ा गांव में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मूलाकिसोली पंचायत निवासी रामदास और मौसम नागेश गांव में प्रार्थना सभा एवं चंगाई सभा आयोजित कर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं।

इंजरम के सरपंच सलवम राजाराव ने दावा किया कि, फंदीगुड़ा में आठ परिवार धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, जबकि तीन परिवारों की घर वापसी के बाद फिर से माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इसी को देखते हुए ग्राम सभा में पुनः निर्णय लिया गया कि गांव में किसी भी प्रकार की प्रार्थना सभा या चंगाई सभा आयोजित नहीं होने दी जाएगी।

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