बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 20 जुलाई । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सर्पदंश से मौत का फर्जी रिपोर्ट बनाकर 17 करोड़ से अधिक का मुआवजा घोटाला किया गया। इस मामले की जांच फर्जी पीएम रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर के बाद तहसील ऑफिस तक पहुंच गई। पुलिस ने सिम्स की तत्कालीन महिला डॉक्टर के बाद अब एसडीएम और तहसीलदार के 3 बाबू को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि इन्होंने सर्पदंश का फर्जी केस बनाकर मुआवजा राशि का बंदरबाट किया है। दरअसल, विधानसभा में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने ध्यानाकर्षण के जरिए एक बड़ा मुद्दा उठाया था। अब बिलासपुर जिले में सर्पदंश के फर्जी आंकड़े देकर हुए 17.24 करोड़ रुपए के मुआवजा घोटाले की जांच चल रही है।
मामले में अब तक 14 एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने इस फर्जी मुआवजा कांड को गंभीरता से लिया है। वो खुद लगातार सभी मामलों की जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले एक-एक अधिकारी-कर्मचारी को चिन्हित कर गिरफ्तार कर रही है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

