दुर्ग(अमर छत्तीसगढ़) 4 अगस्त । दुर्ग जिले में पहली बार शराब के नशे में सार्वजनिक यात्री बस चलाने वाले चालक को न्यायालय ने सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) दुर्ग ने आरोपी चालक को मोटरयान अधिनियम की धारा 185 और 184 के तहत दोषी ठहराते हुए 15 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ तीन दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गुरुनानक ट्रेवल्स की राजनांदगांव–दुर्ग–भिलाई मार्ग पर संचालित यात्री बस को जांच के लिए रोका गया। जांच में चालक जितेन्द्र देवांगन शराब के नशे में बस चलाते हुए पाया गया। उस समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिससे यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।
पुलिस ने चालक का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराया, जिसमें शराब का सेवन करने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 और 184 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी चालक को दोषी करार देते हुए 15 हजार रुपये जुर्माना और तीन दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
दुर्ग पुलिस ने इसे सड़क सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन चलाने वाले चालकों द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाना गंभीर अपराध है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में यातायात पुलिस के उप निरीक्षक भीखम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी चालक को पकड़ा, आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।

