गवाह हुए होस्टाइल, फिर भी नहीं बच सका हत्यारा : डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के दम पर कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

गवाह हुए होस्टाइल, फिर भी नहीं बच सका हत्यारा : डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के दम पर कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 4 अगस्त । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में कुल्हाड़ी से युवक की हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले की सबसे खास बात यह रही कि सुनवाई के दौरान सभी प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने बयानों से मुकर गए (होस्टाइल हो गए), लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और नए कानून के तहत जुटाए गए ई-डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध हो गया। इसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

यह मामला बेलगहना चौकी क्षेत्र के पहाड़बछाली गांव का है। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त 2025 को बृहस्पति बाई के घर में छेदीलाल यादव की कुल्हाड़ी (टंगिया) से हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलने पर कोटवार गंगा बाई गंधर्व की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।

एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में तत्कालीन बेलगहना चौकी प्रभारी एसआई राज सिंह ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपी यशराज भानु उर्फ छोटा (20) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टंगिया भी बरामद कर लिया गया।

जांच अधिकारी ने नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप मेमोरेंडम और जब्ती की पूरी प्रक्रिया की फोटो एवं वीडियोग्राफी कराई थी। यही ई-डिजिटल साक्ष्य अदालत में सबसे मजबूत सबूत साबित हुए।

सुनवाई के दौरान सभी गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए, लेकिन वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध माना। अदालत ने यशराज भानु उर्फ छोटा को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला।

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