दुर्ग(अमर छत्तीसगढ़) 9 अगस्त । जिले में खनिज नियमों का पालन नहीं करने और लंबे समय से उत्पादन बंद रहने वाली खदानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के अनुमोदन के बाद उपसंचालक खनिज प्रशासन, जिला दुर्ग ने जिले की 42 खदानों के उत्खनन पट्टे निरस्त करने का आदेश जारी किया है।
खनिज विभाग द्वारा जिले में स्वीकृत गौण खनिज उत्खनन पट्टों की नस्तियों, दस्तावेजों और खदानों का निरीक्षण एवं परीक्षण किया गया था। इस दौरान कई खदानों में स्वीकृत पट्टा होने के बावजूद लगातार 12 माह से अधिक समय तक उत्पादन और खनिज प्रेषण का काम बंद पाया गया।
खनिज विभाग के अनुसार, कई पट्टेदारों द्वारा खनन गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित नहीं की जा रही थीं। कुछ खदानों में एक वर्ष से अधिक समय से उत्पादन नहीं हुआ था। वहीं, कुछ मामलों में मासिक पत्रक भी विभाग को उपलब्ध नहीं कराए गए।
ऐसे मामलों को छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के तहत उत्खनन पट्टा लैप्स की श्रेणी में माना गया। इसी प्रावधान के तहत विभाग ने संबंधित उत्खनन पट्टों को निरस्त घोषित किया है।
छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के अनुसार, यदि पट्टा निष्पादन की तारीख से एक वर्ष के भीतर खनन गतिविधियां शुरू नहीं की जाती हैं या खनन शुरू करने के बाद लगातार 12 माह तक गतिविधियां बंद रहती हैं, तो स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी आदेश जारी कर उत्खनन पट्टा निरस्त घोषित कर सकता है। दुर्ग जिले में खदानों की जांच के दौरान इसी प्रावधान के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रशासन द्वारा निरस्त किए गए कुल 42 उत्खनन पट्टों में सबसे ज्यादा 27 चूना पत्थर की खदानें हैं। इसके अलावा 1 डोलोमाइट, 2 क्वार्टजाइट और 12 मिट्टी की खदानों के पट्टे भी निरस्त किए गए हैं। निरस्त की गई खदानें जिले के पतोरा, सेलूद, गुढ़ियारी, चुनकट्टा, परसाही, अचानकपुर, ढौर, धौराभांठा, केसरा, सिकोला, मगरघटा, कुम्हारी, घुघसीडीह, कचांदूर, खुरसुल, चंगोरी, पेण्ड्रीतराई, कंदई, राजपुर और अकोला सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थित हैं।
खनिज विभाग की इस कार्रवाई को लंबे समय से बंद पड़ी और नियमों के अनुरूप संचालित नहीं हो रही खदानों के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि खनन गतिविधियों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है। नियमों का पालन नहीं करने वाले पट्टेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

