राजनांदगाँव(अमर छत्तीसगढ़) 9 अगस्त । जैन बगीचा प्रांगण में चातुर्मासरत परम पूज्य श्री मोक्षप्रभ सागर जी म.सा. के पावन सान्निध्य में ‘अन्तर्मन की गूंज (Inner Resonance)’ पुस्तक का गरिमामय विमोचन समारोह सम्पन्न हुआ।
जैन साध्वी,मरुधर ज्योति गुरुवर्या श्री मणिप्रभा श्री जी म.सा. की आत्म-साधना से प्रकट करुणा, आध्यात्मिक चेतना एवं शासन प्रभावना के प्रेरणादायी प्रसंगों को समेटे इस पुस्तक का विमोचन श्री नरेंद्र डाकलिया,डॉ.नरेन्द्र गांधी आदि द्वारा किया गया।
श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष अजय सिंगी ने बताया की इस पुस्तक के माध्यम से धर्मप्रेमी श्रद्धालुगण गुरुवर्या श्री जी की साधनामय जीवन-यात्रा, करुणा एवं प्रेरणादायी प्रसंगों को जानने और आत्मसात करने का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। पुस्तक केवल प्रसंगों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, साधना और जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणाओं का सुंदर संग्रह है।
समारोह के दौरान पूज्य श्री श्रेयांशप्रभ सागर जी म.सा. के पावन प्रवचन का भी लाभ उपस्थित श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता, श्रद्धा एवं भक्ति की अनुभूति रही।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के ट्रस्टी अजय सिंगी,जीवनचंद बैद,ललित भंसाली,रोशन गोलछा एवं स्वानुभूति चातुर्मास व्यवस्था समिति के पदाधिकारीगण, सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
‘अन्तर्मन की गूंज’ पुस्तक गुरुवर्या श्री जी की साधना, करुणा एवं शासन प्रभावना के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी प्रयास है।

