रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 22 अगस्त । अनियमित कर्मचारी संघ , पेंशनर फोरम , स्वायत्त कर्मचारी संघ , एक मांग एक मंच अभियान और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वाधान में पांच सूत्री मांगों को लेकर इंद्रावती भवन के सामने 11 सितंबर को जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। इस आशय का निर्णय एक मांग एक मंच अभियान के प्रांतीय संयोजक करण सिंह अटरिया के नेतृत्व में आयोजित एक बैठक में लिया गया।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार मोदी की गारंटी के तहत अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, नगरिय निकाय के कर्मचारियों के लिए पुराना पेंशन लागू करने, स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति को पूरी तरह से बंद करने , नियमित कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए मध्य प्रदेश की भांति 20 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार का आदेश जारी करने और जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों के साथ साथ पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता का आदेश जारी करने व 86 महीनों के एरियर्स संबंधित पांच मांगों पर आपसी सहमति बनी है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय में आहूत बैठक में इन मांगों को लेकर स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शरद दुबे अनियमित कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू, पेंशनर फोरम के प्रांतीय संयोजक डॉ डी पी मनहर, एक मांग एक मंच अभियान के प्रांतीय संयोजक करन सिंह अटेरिया, कोषालय कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर, संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला के द्वारा विचार विमर्श के बाद पांच मांगों को लेकर 11 सितंबर को इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
पांच मांगों को लेकर मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन विभागाध्यक्ष भवन इंद्रावती भवन के नोडल अधिकारी अवनीस शरण आईएएस को ज्ञापन सौंपा जाएगा । मुख्य सचिव के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन में 10 सितंबर तक मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में 11 सितंबर को भोजन अवकाश के समय इंद्रावती भवन के सामने पोस्टर बैनर नारेबाजी के माध्यम से जंगी प्रदर्शन किए जाने का निर्णय लिया गया।

