दुर्ग(अमर छत्तीसगढ़) 29 अगस्त । जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांधा तालाब दुर्ग में आज आध्यात्मिक एवं धार्मिक वातावरण उस समय और अधिक भक्तिमय हो गया, जब महामंडलेश्वर संत श्री कालीदास जी काली महाराज राष्ट्रसंत मानव मिलन संस्थापक डॉ. मणिभद्र मुनि जी महाराज के दर्शनार्थ दुर्ग पहुंचे।
इस अवसर पर उन्होंने मासक्षमण जैसी कठिन तपस्या पूर्ण करने वाले तपस्वी टीकाराम पराजुली का पारणा करवाया तथा उनकी तपस्या की अनुमोदना करते हुए अभिनंदन किया।
महामंडलेश्वर श्री कालीदास महाराज के आगमन पर श्रमण संघ परिवार की विभिन्न संस्थाओं एवं पदाधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। जय आनंद मधुकर रतन भवन परिसर में आयोजित इस धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।

मासक्षमण तपस्वी श्री पराजुली ने संयम, साधना और आत्मबल का परिचय देते हुए कठिन तपस्या पूर्ण की। महामंडलेश्व महाराज ने उनका पारणा करवाकर तप की अनुमोदना की और कहा कि तपस्या केवल शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है। ऐसे तपस्वियों का सम्मान समाज में त्याग और संयम की प्रेरणा को मजबूत करता है।
महामंडलेश्वर की आगवानी एवं स्वागत के लिए दुर्ग सांसद विजय बघेल तथा रायपुर ग्रामीण विधायक पुणेदु मिश्रा लाभचंद बाफना विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
इस अवसर पर श्रमण संघ परिवार के विभिन्न मंडलों, संस्थाओं एवं समाजजनों ने महामंडलेश्वर महाराज का स्वागत करते हुए राष्ट्रसंत डॉ. मणिभद्र मुनि महाराज के सानिध्य में चल रहे धार्मिक एवं तप आराधना के क्रम की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान जय आनंद मधुकर रतन भवन परिसर धर्म, तप, त्याग और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मासक्षमण तपस्वी श्री टीकाराम जी पराजुली की तपस्या की अनुमोदना करते हुए वर्धमान सेवा मंच ने प्रभाव न वितरित की और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक प्रगति की मंगलकामना की।
आज के आयोजन को सफल बनाने में श्रवण संघ परिवार के सदस्यों के अलावा धर्मचंद लोढ़ा प्रवीण श्री श्रीमाल निर्मल बाफना निर्मल रतन बोहरा अंजू सुराणा राकेश संचेती उत्तम भंडारी अशोक रतन बोहरा रजत सुराणा का विशेष सहयोग रहा

