जैन जागृति मंडल धमतरी की भक्ति ने जीता दिल, संभव महिला मंडल रायपुर द्वितीय एवं श्री जिन कुशल महिला मंडल तृतीय

जैन जागृति मंडल धमतरी की भक्ति ने जीता दिल, संभव महिला मंडल रायपुर द्वितीय एवं श्री जिन कुशल महिला मंडल तृतीय

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 2 सितंबर । नवकार नगर स्थित श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में आयोजित 11 दिवसीय दादा गुरुदेव एकतीसा भक्ति महोत्सव के सातवें दिन भक्ति, श्रद्धा और गुरु आराधना का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाभक्ति प्रतियोगिता में विभिन्न महिला मंडलों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दादा गुरुदेव के चरणों में भक्ति अर्पित की।

सातवें दिन की महाभक्ति प्रतियोगिता में जैन जागृति मंडल, धमतरी ने अपनी प्रभावशाली एवं भावपूर्ण भक्ति प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त कर उपस्थित श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। संभव महिला मंडल, रायपुर ने द्वितीय तथा श्री जिन कुशल महिला मंडल, रायपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंख ग्रुप महिला मंडल की सदस्यों द्वारा दादा गुरुदेव के एकतीसा पाठ के साथ किया गया। इसके पश्चात विभिन्न भक्ति मंडलों ने मधुर सुर-ताल, भावपूर्ण भजनों और आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु भक्ति की अनुपम छटा बिखेरी।

महिलाओं की भक्ति बनी विशेष आकर्षण
सुप्रसिद्ध गायक राहुल झाबक ने भी रंग जमाया।

सातवें दिन महिलाओं की भक्ति प्रस्तुतियां आयोजन का विशेष आकर्षण रहीं। महिला मंडलों ने अपनी प्रस्तुतियों में भक्ति के साथ-साथ गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आत्मीय भावों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। भजनों के मधुर स्वर और भक्तिमय वातावरण से पूरा जिनालय परिसर गुरु भक्ति में डूब गया।

प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु भी भक्ति भाव में झूमते नजर आए। दादा गुरुदेव के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और प्रत्येक प्रस्तुति के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों से प्रतिभागी मंडलों का उत्साहवर्धन किया।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में भक्ति के साथ संस्कारों को भी मजबूत करते हैं। गुरु भक्ति के माध्यम से नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार, अनुशासन और जिनशासन से जोड़ने का यह एक प्रभावी माध्यम है।

प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में संदीप जी शर्मा एवं रेखा जी राय सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागी मंडलों का मूल्यांकन सुर-ताल, भाव, प्रस्तुति, अनुशासन एवं गुरु भक्ति की अभिव्यक्ति के आधार पर किया। कार्यक्रम का मंच संचालन अनुशंसा लुनिया ने किया।

सातवें दिन के पुरस्कारों के लाभार्थी श्री विमल जी, निर्मल जी गोलछा एवं हेमू जी गोलछा परिवार रहे।

महोत्सव के दौरान दादा गुरुदेव की आराधना, एकतीसा पाठ एवं विभिन्न भक्ति कार्यक्रम निरंतर जारी हैं। मंदिर प्रतिष्ठा के पश्चात पहली बार आयोजित हो रहे इस 11 दिवसीय भक्ति महोत्सव को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह और उमंग का वातावरण बना हुआ है।चाहें तो मैं इसका और ज्यादा दमदार अखबारी शीर्षक + 2 लाइन की सबहेडिंग भी बना सकता हूँ, ताकि खबर के पहले पन्ने/सिटी पेज पर ज्यादा प्रभाव पड़े।

Chhattisgarh