राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राजनांदगांव द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में 6 सितम्बर रविवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन ज्ञान मानसरोवर में किया गया। इस अवसर पर “विकसित भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका” विषय पर वक्ताओं ने सारगर्भित उदबोधन दिया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य वक्ता सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी
पुष्पा दीदी ने कहा कि आज शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों एवं सद् गुणों का विकास करना समय की आवश्यकता है। केवल किताबी ज्ञान से ही विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है। बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और संस्कारों से जोड़ना भी शिक्षकों का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक बच्चों के जीवन को दिशा देने का कार्य करते हैं। इसलिए सबसे पहले शिक्षक को स्वयं अपने जीवन में नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण को अपनाना होगा। बच्चे शिक्षक द्वारा कही गई बातों से अधिक उनके व्यवहार और आचरण से सीखते हैं। यदि शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत करेंगे, तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं भविष्य पर पड़ेगा।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी प्रभा बहन जी ने किया। ब्रह्माकुमार मोरध्वज भाई ने सुमधुर गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। कुमारी इशिका एवं साथियों ने गुरु वंदन प्रस्तुत किया एवं कुमारी रूही भोजवानी ने स्वागत नृत्य किया ।
सहायक जिला परियोजना समन्वयक पी आर) झाड़े ने आभार प्रदर्शन किया।समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती स्वीटी वर्मा एवं माधव साहू,ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित रोहित साहू को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रो शुभेंदु जेनामणि,प्राचार्य मिलिन्द मुदलियार, सुधीर जैन,हेमन्त साहू,श्रीकेश शर्मा,सी आर वर्मा, मिलनसाहू, योगेन्द्र सिंह ठाकुर,अनिलकुमार साहू,दीपक शर्मा,जितेन्द्र हिरवानी, व्याख्याता श्रीमती शाहीन खान ,मीनू माहेश्वरी,भारती साहू सहित अनेक प्राचार्य एवं शिक्षक गण उपस्थित थे।

