रायपुर – श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में आठ दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन

रायपुर – श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में आठ दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 7 सितंबर । जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर नवकार नगर स्थित श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में 8 से 15 सितंबर तक विशेष पर्युषण महापर्व आराधना का आयोजन किया जा रहा है।

नवकार नगर में मंदिर की प्रतिष्ठा के पश्चात पहली बार पर्युषण महापर्व का यह विशेष आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है। 2026 में श्वेतांबर परंपरा का पर्युषण 8 से 15 सितंबर तक मनाया जा रहा है, प्रवचन 8.45 से होगा और 15 सितंबर को संवत्सरी पर्व रहेगा।


आयोजन में प.पू. खरतरगच्छाचार्य श्री जिनपीयूषसागर सूरीश्वर जी म.सा. के शिष्यरत्न प.पू. मुनि श्री संवेरत्न सागर जी म.सा. एवं प.पू. मुनि श्री सर्वरत्न सागर जी म.सा. का पावन सान्निध्य प्राप्त होगा।

संतों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, तप, त्याग, आत्मचिंतन एवं आत्मशुद्धि का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। श्रद्धालु इन आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ लेकर अपने जीवन में धर्म और संयम के संस्कारों को दृढ़ करने का प्रयास करेंगे।


जैन धर्म में पर्युषण केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मावलोकन, तप, त्याग, संयम, क्षमा और आत्मशुद्धि का महापर्व माना जाता है। इन दिनों में श्रद्धालु सांसारिक व्यस्तताओं से ऊपर उठकर स्वाध्याय, साधना, उपवास, प्रतिक्रमण एवं प्रभु आराधना के माध्यम से आत्मा के समीप जाने का प्रयास करते हैं।
ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक डागा ने बताया कि प्रवचन के पश्चात स्वामिवत्सल (भोजन) की व्यवस्था भी रखी गई है। सर्व समाज के सभी वर्गों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पर्युषण महापर्व की आराधना एवं संतों के पावन प्रवचन का लाभ लेने का आग्रह किया गया है। “आराधना • साधना • भक्ति • तप • त्याग — इन सभी का अद्भुत संगम बनेगा पर्युषण महापर्व।”*

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